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क्या रंग लाएगी आदित्य ठाकरे की नीतीश-तेजस्वी से मुलाकात ? 2024 में मजबूत होगा विपक्ष का मोर्चा ?

 

 

बुधवार को शिवसेना (उद्धव) के नेता आदित्य ठाकरे पटना पहुंचे। उन्होंने सीएम के सरकारी आवास एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान बिहार सरकार में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से भाजपा के विरुद्ध शुरू की गई देशव्यापी विपक्षी एकता की मुहिम के तहत बुधवार को शिवसेना (उद्धव) के नेता आदित्य ठाकरे पटना पहुंचे। उन्होंने सीएम के सरकारी आवास एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान बिहार सरकार में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।

 

इससे पहले तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड के बाहर मीडिया से बातचीत में आदित्य ठाकरे से अपनी मुलाकात की बाबत कहा कि विपक्षी एकता बनाने की दिशा में कोशिशें जारी है। जल्द यह राष्ट्रव्यापी स्वरूप में दिखने लगेगा। दोनों युवा नेताओं की यह पहली मुलाकात थी।

 

वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार ने पटना में आदित्य ठाकरे की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बीच हुई मुलाकात को अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रीय मोर्चा बनाने को लेकर राजद-जदयू की प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ चल रही बातचीत से जोड़ कर देखा जा रहा है।

 

महागठबंधन में शामिल एक वरिष्ठ नेता ने बताया है कि एक राष्ट्रीय मोर्चा बनाने को लेकर बातचीत चल रही है, जहां कई विपक्षी दलों के एक इकाई के रूप में विलय होने की संभावना है। जबकि कुछ विपक्षी दलों के मोर्चे के साथ गठबंधन होगा। उद्धव ठाकरे के संगठन के नए मोर्चे का हिस्सा बनने की संभावना है। आदित्य ठाकरे की पटना यात्रा बढ़ती विपक्षी एकता के प्रदर्शन के रूप में इसका हिस्सा थी। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ जीए नेता ने कहा।

 

वहीं जदयू के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने आदित्य ठाकरे की पटना यात्रा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अच्छा संकेत है कि प्रमुख विपक्षी दल संसदीय चुनावों से पहले हाथ मिला रहे हैं। दूसरी ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने दावा करते हुए कहा है कि बिहार में नीतीश कुमार को कोई जेडीयू में नेता नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि जल्द ही जेडीयू का आरजेडी में विलय हो जाएगा।

 

इस बीच बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने आदित्य ठाकरे की नीतीश- तेजस्वी से मुलाकात पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत संदिग्ध मौत के बाद आदित्य ठाकरे, संजय राउत और उद्धव ठाकरे ने जिस तरह का बर्ताव किया था, उसे हम कभी भूल नहीं सकते। सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को बिहार विरोधी मानसिकता और सुशांत की मौत के जिम्मेदार संदिग्ध चरित्र वाले लोगों को आमंत्रित करने, मुलाकात करने से परहेज करना चाहिए था। नीतीश और तेजस्वी ने बिहार बिहार वासियों की भावना को आहत किया और सुशांत सिंह राजपूत की आत्मा को भी ठेंस पहुंचाया है।

 

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार ने जिस तरह सबूतों को नष्ट करने का काम किया और सीबीआई जांच का विरोध किया, वह संदेह पैदा करता है। नीतीश और तेजस्वी को जिन लोगों के ऊपर संदेह करते हुए नारको एनालिसिस टेस्ट की मांग करनी चाहिए थी, उससे यह लोग हाथ मिला रहे हैं और गले मिल रहे हैं। निखिल आनंद ने कहा कि नीतीश- तेजस्वी ने अपनी सतही राजनीति के लिए बिहार और बिहारवासियों की भावनाओं को भी अपमानित किया। बिहार के ये नेता भूल गए कि यही लोग महाराष्ट्र में बिहारवासियों को पिटाई करने और उनका रोजगार छीन कर भगाने का काम करते थे।

 

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