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आंखें नम, दिल में गुस्सा और हर तरफ मातम, वैशाली हादसे में 8 की मौत के बाद ऐसा है नयागांव का हाल

 

 

8 लोगों की एक साथ अर्थियां उठी, तो वहां मौजूद हर एक शख्स का कलेजा दहल उठा। नम आंखों से सभी का गंगा नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। पूरा गांव अब भी शोक में डूबा हुआ है।

 

बिहार के वैशाली जिले का नयागांव 28 टोला, जहां रविवार को भुइयां बाबा की पूजा की तैयारी चल रही थी। शाम में दर्जनों लोग हाइवे किनारे गांव के पास पीपल के पेड़ के यहां जुटे। न्योतन की रस्म निभाई जा रही थी। तभी हाजीपुर की तरफ से आ रहा एक ट्रक बेकाबू होकर भीड़ में घुस गया। एक के बाद एक करीब 15 लोगों को उसने अपनी चपेट में लिया और फिर पीपल के पेड़ से जा टकराया। 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक पल में पूजा का माहौल कोहराम में बदल गया। जगह-जगह खून बिखर गया। किसी का हाथ कटा हुआ पड़ा था, तो किसी का पैर। एक शख्स का शव ट्रक के बोनट में फंस गया, जिसे घंटों की मशक्कत के बाद गैस कटर से काटकर निकाला।

हादसे में मरने वालों में 6 बच्चियां थीं। कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। इनमें से चार की हालत गंभीर है, जिन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया है। रात में करीब साढ़े आठ बजे हुए सड़क हादसे ने पूरे गांव का माहौल गमगीन कर दिया। लोगों में आक्रोश फूट पड़ा। देर रात उन्होंने हाइवे पर जाम लगा दिया। डीएम और एसपी भी आधी रात को मौके पर पहुंचे। सरकार की ओर से तुरंत मुआवजा दिलाने की बात पर उन्होंने जाम हटाया।

 

 

एक साथ उठी 8 अर्थियां तो हर कोई रो पड़ा

सड़क हादसे में मारे गए सभी 8 लोगों का सोमवार अलसुबह अंतिम संस्कार किया गया। जब गांव के 8 लोगों की एक साथ अर्थियां उठी, तो वहां मौजूद हर एक शख्स का कलेजा दहल उठा। नम आंखों से सभी का गंगा नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। पूरा गांव अब भी शोक में डूबा हुआ है। जिन घरों में मौतें हुई हैं, वहां से लगातार रोने-बिलखने की आवाज आ रही है। जिन मां-बाप ने अपनी बच्चियों को खोया, वे खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं।

पीपल का पेड़ नहीं होता तो…

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पीपल का पेड़ नहीं होता तो शायद हादसा और भी वीभत्स हो सकता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेड़ के टकराने की वजह से बेकाबू ट्रक रुक गया। नहीं तो उसकी चपेट में दर्जनों लोग आ जाते और मौत का आंकड़ा बढ़ सकता था। वहीं, कुछ लोग ट्रक ड्राइवर के शराब के नशे में होने के भी आरोप लगा रहे हैं।

 

 

हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर केबिन में ही बैठा रहा। लोगों ने उसे बाहर निकलने के लिए कहा तो उसने दोनों शीशे बंद कर गेट अंदर से लॉक कर दिए। फिर शीशे तोड़कर उसे बाहर निकाला गया। ड्राइवर की पिटाई भी की गई और तब तक बंधक बनाए रखा जब तक कि पुलिस नहीं आ गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पीड़ित परिवारों को सरकार से न्याय की उम्मीद है।

 

 

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