HomeHealth And Fitnessमंकीपॉक्स की जांच के लिए पहला स्वदेशी किट लॉन्च, सामने आ चुके...

मंकीपॉक्स की जांच के लिए पहला स्वदेशी किट लॉन्च, सामने आ चुके हैं कुल 10 मामले

 

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मंकीपॉक्स ऐसा वायरस है जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है और इसके लक्षण चेचक के समान होते हैं, हालांकि यह बीमारी चिकित्सकीय रूप से कम गंभीर होती है।

मंकीपॉक्स की जांच करने के लिए पहला स्वदेशी निर्मित आरटी पीसीआर किट आंध्र प्रदेश के मेडटेक जोन में शुक्रवार को पेश किया गया। इस किट को ट्रांस एशिया बायो मेडिकल्स की ओर से विकसित इस किट को केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने लॉन्च किया। ट्रांस एशिया एरबा मंकीपॉक्स आरटी पीसीआर किट बेहद संवेदनशील लेकिन इस्तेमाल करने में आसान है।

इस साल मंकीपॉक्स के कारण दुनिया में सबसे अधिक मौतें अफ्रीका महाद्वीप में हुई हैं। अफ्रीका में कुल 3,232 मामले दर्ज किए गए हैं और 105 लोगों की मौत हुई है। हालांकि केवल एक हिस्से की ही पुष्टि की गई है क्योंकि महाद्वीप में पर्याप्त नैदानिक ​​​​संसाधनों का अभाव है। भारत में अब तक मंकीपॉक्स के 10 मामले सामने आ चुके हैं। ट्रांस एशिया बायो मेडिकल्स की ओर से विकसित इस किट को केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने लॉन्च किया।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) मंकीपॉक्स रोगियों के संपर्क में आए लोगों में एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच करने के लिए एक सीरो-सर्वेक्षण कर सकती है। इसके साथ ही आईसीएमआर यह भी पता लगा सकती है कि उनमें से कितनों में संक्रमण के लक्षण नहीं थे। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि ऐसे लोगों का अनुपात कितना है जिनमें वायरल संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे हैं।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular