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नीतीश कुमार की विपक्षी एकता की मुहिम ठंडे बस्ते में चली गई? उपेंद्र कुशवाहा बोले- धैर्य रखिए

 

 

नीतीश कुमार ने खुद को 2024 में विपक्ष का पीएम कैंडिडेट प्रोजेक्ट कर दिया है, जबकि दूसरे दलों के नेता इससे सहमत नहीं हैं। सभी दलों की अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं।

 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम पर फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है। कहा जा रहा है कि विपक्षी दलों के नेताओं से उचित समर्थन नहीं मिलने पर नीतीश ने अपनी मुहिम को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हालांकि, जब इस बारे में जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

 

उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या नीतीश कुमार की विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम ठंडे बस्ते में चली गई है, तो उन्होंने कहा कि धैर्य रखिए। हर बात मीडिया को नहीं बताई जाती है।

 

कैसे पूरा होगा नीतीश के प्रधानमंत्री बनने का सपना?

बिहार में इस साल अगस्त महीने में हुई राजनीतिक उठापटक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नजर केंद्र की ओर टिक गई। उन्होंने कहा कि वे अब 2024 के लोकसभा चुनाव पर फोकस करेंगे और देशभर के विपक्षी दलों को एकजुट करेंगे। इस सिलसिले में तेलंगाना सीएम केसीआर से पटना में नीतीश की मुलाकात हुई। इसके बाद नीतीश दिल्ली गए और सोनिया गांधी, शरद पवार से लेकर अरविंद केजरीवाल तक, कई पार्टियों के नेताओं से मुलाकात की। मगर किसी से भी विपक्षी एकता पर पूरी बात नहीं बन पाई।

 

बताया जा रहा है कि सभी विपक्षी दलों के नेताओं की अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं। इस कारण नीतीश कुमार की मुहिम रंग नहीं ला रही है। जेडीयू नेता और कार्यकर्ता भले ही नीतीश कुमार को पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रहे हैं, लेकिन जब तक उन्हें देश के अन्य विपक्षी दलों का साथ नहीं मिलेगा, तब तक नीतीश का पीएम बनने का सपना साकार नहीं हो पाएगा।

 

प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर फंस रहा पेंच

कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ने खुद को 2024 में विपक्ष का पीएम कैंडिडेट प्रोजेक्ट कर दिया है, जबकि दूसरे दलों के नेता इससे सहमत नहीं हैं। कांग्रेस जहां राहुल गांधी को पीएम पद का उम्मीदवार बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को अगला प्रधानमंत्री मान रहे हैं। इसी तरह तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की पार्टी के नेता भी उन्हें पीएम पद के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं। केसीआर ने तो राष्ट्रीय पार्टी का गठन भी कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार की मुहिम को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

 

 

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