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दिल्ली में बड़े बदलाव की तैयारी में भाजपा, मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष

 

 

पार्टी दिल्ली में नए प्रभावी अभियान के मद्देनजर बदलाव की तैयारी में है, ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी अपनी पिछली सफलता को दोहरा सके, जबकि उसने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी।

 

भाजपा नेतृत्व की ओर से मिशन-2024 की तैयारी के लिए विभिन्न राज्यों में किए जा रहे बदलावों में दिल्ली भी शामिल हो सकती है। दिल्ली के हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व द्वारा यहां पर भी जरूरी संगठनात्मक बदलाव किए जाने की संभावना है। यहां के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए नया नेतृत्व सामने लाया जा सकता है।

 

दिल्ली भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता को कोरोना काल में जून 2020 में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनको मनोज तिवारी की जगह कमान सौंपी गई थी। दरअसल 2020 में हुए दिल्ली में विधानसभा चुनाव में हार के बाद मनोज तिवारी की जगह पार्टी ने नया चेहरा लाने का फैसला किया था। इसके बाद तब से अब तक की विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रम और भविष्य की तैयारी को देखते हुए पार्टी एक बार फिर बदलाव की तैयारी में है।

हाल के दिल्ली की आम आदमी पार्टी की अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ चल रहे राजनीतिक टकराव में भी भाजपा नेतृत्व प्रदेश की विभिन्न स्थितियों की समीक्षा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार पार्टी दिल्ली में नए प्रभावी अभियान के मद्देनजर बदलाव की तैयारी में है, ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी अपनी पिछली सफलता को दोहरा सके, जबकि उसने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। अगर भाजपा के संगठनात्मक चुनाव होते हैं तो वैसे ही दिल्ली में नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा, लेकिन अभी तक संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ऐसे माना जा रहा है कि रणनीति के तहत पार्टी कई राज्यों में बदलाव कर रही है उसमें दिल्ली भी शामिल हो सकता है।

दिल्ली में भाजपा को आने वाले समय में एकीकृत नगर निगम के चुनाव में भी जाना है। हालांकि यह चुनाव कब होंगे, अभी साफ नहीं है। क्योंकि नए सिरे से परिसीमन आदि की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

लोकसभा चुनावों में भाजपा को मिलती रही सफलता
गौरतलब है कि दिल्ली में भाजपा लोकसभा और नगर निगम चुनावों में तो सफलता हासिल करती रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव में वह 1998 के बाद से ही सत्ता से दूर है। दो दशक से ज्यादा का यह अंतराल राजनीतिक दृष्टि से काफी मायने रखता है। वह भी तब जबकि पार्टी यहां पर लोकसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन करती रही है। ऐसे में पार्टी को विधानसभा में भी अपनी जगह बनाने के लिए बड़ा राजनीतिक परिवर्तन जरूरी समझा रहा जा रहा है।

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