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बिहारः पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर और रेणु देवी पर जुर्माना, कई पूर्व मंत्रियों को यह नोटिस

 

 

पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी व तारकिशोर प्रसाद, पूर्व मंत्री जीवेश कुमार व आलोक रंजन, मुकेश सहनी सहित अन्य को नोटिस भेजा भेजते हुए जुर्माना लगाया गया है। बताया गया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है

 

भवन निर्माण विभाग ने पद से हटने या स्थानांतरित होने के बाद भी एक माह से अधिक समय से सरकारी आवास में रह रहे पूर्व मंत्रियों व सरकारी अधिकारियों को नोटिस भेजा है। एक दर्जन से अधिक आवंटियों को नोटिस भेजा गया है। वहीं, अन्यत्र आवास आवंटित करने के बावजूद पुराने को नहीं छोड़ने वाले कई पूर्व मंत्रियों पर जुर्माना लगाया गया है।

 

पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी व तारकिशोर प्रसाद, पूर्व मंत्री जीवेश कुमार व आलोक रंजन, मुकेश सहनी सहित अन्य को नोटिस भेजा भेजते हुए जुर्माना लगाया गया है। बताया गया कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और विशेष परिस्थिति में आवेदन मिलने पर सक्षम प्राधिकार उन्हें जुर्माना से मुक्त करने पर विचार कर सकता है।

 

30 गुना किराया वसूलने का है प्रावधान 

28 जुलाई, 2020 को भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पद से हटने के बाद भी पुराने आवास में बने रहने पर किराये का 15 गुना दंड स्वरूप लिया जाता था। अब इसमें संशोधन करते हुए मानक किराया का 30 गुना वसूलना निर्धारित किया गया है।

 

ट्रांसफर के बाद एक माह तक ही रह सकते आवंटी 

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आवंटी ट्रांसफर या पद से हटने के बाद अधिकतम एक महीने तक ही पुराने आवास में रह सकते हैं। जबकि, सेवानिवृत्त होने के बाद दो माह तक रह सकते हैं। किसी आवंटी की मृत्यु या अन्य विशेष परिस्थितियों में अधिकतम तीन माह तक उनके परिजन आवंटित आवास में रह सकते हैं। वहीं, अगर किसी को आवंटित आवास पसंद नहीं है तो उसके संबंध में आवंटन आदेश के 30 दिनों के अंदर भवन निर्माण विभाग के सचिव को सूचित करना होगा कि उन्हें यह आवंटन स्वीकार है या नहीं।

 

बिल्डिंग बाइलॉज में किराया माफी का प्रावधान नहीं 

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भवन निर्माण विभाग के नए बिल्डंग बाइलॉज में किराया माफी का प्रावधान नहीं है। चाहे अधिकारी हों या कर्मचारी अथवा विधायक या मंत्री, सभी पर यह समान रूप से लागू है। दो दिनों पूर्व ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 1.39 लाख रुपये का भुगतान किराया मद में किया।

 

कहते हैं मंत्री

भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि भाजपा सिर्फ अनर्गल बयानबाजी कर रही है। आवास को लेकर सरकार का नियम बना हुआ है। समय से खाली नहीं करने पर 30 गुना जुर्माना का प्रावधान है। जब नियम बनाया गया था तो भाजपा भी सरकार में शामिल थी। जो जुर्माना नहीं देगा उसके पास मजिस्ट्रेट भेजा जाएगा। जदयू के किसी नेता के पास अवैध आवास नहीं है। ऐसा है तो भाजपा को नाम बताना चाहिए।

 

 

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