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विवादों से बोहनी, नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार के 4 दिन में 6 बवाल

 

 

बिहार में महागठबंधन सरकार के गठन के साथ ही शुरू हुआ विवादों का सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। कैबिनेट विस्तार के बाद पिछले 4 दिनों में 6 बवाल हो चुके हैं जिससे बिहार की राजनीति में हलचल है

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन सरकार के गठन के साथ ही विवादों की सिलसिला शुरू हो चुका है जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। एक विवाद खत्म होता नहीं कि दूसरा विवाद जन्म ले लेता है। नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार को चलते हुए दस दिन भी पूरे नहीं हुए कि एक के बाद एक विवाद खड़ा हो रहा है। पिछले चार दिन में ही नीतीश सरकार में 6 विवाद खड़े हो चुके हैं।

पहले अपहरण केस में आरोपी कार्तिक सिंह को कानून मंत्री बनाए जाने को लेकर विवाद हुआ। इस विवाद पर सरकार ठीक से सफाई भी नहीं दे पाई थी कि लेशी सिंह बनाम बीमा भारती का विवाद खड़ा हो गया। बिहार सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लेसी सिंह के किलाफ रुपौली से जेडीयू विधायक बीमा भारती खुलकर सामने आ गई हैं। उनका कहना है कि लेशी सिंह पर हत्या और अपहरण जैसे कई गंभीर मामलों में केस दर्ज है। ऐसे में नीतीश कुमार को तुरंत लेशी सिंह को कैबिनेट से बर्खास्त कर देना चाहिए।

सीएम कुमार इन विवादों से निपटते कि इस बीच गुरुवार को नीतीश सरकार में पर्यावरण मंत्री बनाए गए तेज प्रताप यादव विवादों में घिर गए। तेज प्रताप यादव गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक ले रहे थे जिसकी फोटो वायरल हो रही है। इस बैठक में उन्के साथ मीसा भारती के पति शैलेश कुमार भी नजर आए जिनका सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि इसपर राजद ने कहा है कि शैलेश तेज प्रताप से किसी काम से मिलने आए थे। इस दौरान उन्हें बैठने को कहा गया था जिसकी फोटो वायरल हो रही है। राजद का कहना है कि शैलेश कुमार ने मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया बल्कि जब वो दफ्तर पहुंचे तब तेज प्रताप यादव मीटिंग कर रहे थे सो उन्हें इंतजार करते हुए बैठ गए।

ऐसा ही कुछ डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मीटिंग में हुआ जहां बिना किसी औपचारिक पद के तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव स्वास्थ्य विभाग की बैठक में नजर आए। संजय यादव के पास कोई सरकारी पद नहीं है फिर भी वो विभाग की बैठक में मौजूद दिखे। संजय यादव तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार हैं लेकिन विभागीय बैठक में बैठक में शामिल होने का उन्हें अधिकार नहीं है क्योंकि इसमें सिर्फ मंत्री और विभाग के अधिकारियों को ही बैठने की अनुमति होती है।

इन सब विवादों के बीच नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री बनाए गए आरजेडी विधायक चंद्रशेखर को लेकर बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने पुराने मामले का हवाला देते हुए मोर्चा खोल दिया है। सुशील मोदी ने नीतीश कुमार से पूछा कि कारतूस के शौकीन को शिक्षा मंत्री बनाकर नीतीश कुमार बच्चों को क्या संदेश दे रहे हैं? गौरतलब है कि दो साल पहले चंद्रशेखर यादव पर दस जिंदा कारतूस छिपाकर रखने को लेकर आर्म्स एक्ट में केस दर्ज हुआ था। बाद में माफी मांगने पर कोर्ट ने उन्हें बरी किया था।

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