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BPSC पेपर लीकः वीर कुंवर सिंह कॉलेज के प्राचार्य व मजिस्ट्रेट से पूछताछ

 



बीपीएससी पेपर लीक कांड की जांच तेज हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) मोबाइल की कड़ी जोड़कर पेपर लीक करनेवाले गुनहगारों तक पहुंचने में जुटी है। छात्र नेता दिलीप का मोबाइल फोन इसमें तुरूप का पत्ता साबित हो सकता है, क्योंकि उसके पास परीक्षा शुरू होने के पहले ही प्रश्न पत्र पहुंच गया था। उसे किसने यह प्रश्न पत्र भेजा और उस शख्स को यह कहां से मिला इसका पता लगाया जा रहा है। इसी के मद्देनजर छात्र नेता के मोबाइल फोन को भी खंगाला गया।  

परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हो गया था पेपर
बीपीएससी की पीटी परीक्षा रविवार दोपहर 12 बजे से शुरू होनी थी, पर इससे पहले ही प्रश्न-पत्र का का सेट ‘सी’ वायरल हो गया था। ईओयू की जांच में स्पष्ट होने के बाद ही पेपर लीक को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई। छात्र नेता दिलीप से भी इसी वजह से पूछताछ की गई।

उसके मोबाइल पर प्रश्न-पत्र रविवार को 11.32 मिनट पर आ गया था। इसके बाद उसने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को करीब 11.49 में ईमेल किया। खुद दिलीप ने भी इसकी पुष्टि बातचीत के दौरान की है। ईओयू की टीम ने उससे काफी देर तक पूछताछ की। साथ ही मोबाइल का जरूरी डाटा भी चेक किया।

कॉलेज में प्राचार्य योगेन्द्र सिंह समेत कई से पूछताछ

आरा के वीर कुंवर सिंह कॉलेज के प्राचार्य योगेन्द्र सिंह, उस सेंटर पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी निभानेवाले बड़हरा के बीडीओ जयवर्द्धन गुप्ता, केन्द्र पर परीक्षा विभाग का कार्य देख रहे सुशील कुमार सिंह, सुरेन्द्र और अरविंद कुमार से ईओयू की पूछताछ जारी है। सोमवार की सुबह ईओयू की टीम जांच के सिलसिले में आरा पहुंची। वीर कुंवर सिंह कॉलेज के सेंटर पर ही परीक्षा के दौरान हंगामा हुआ था।

बताया जाता है कि कई अभ्यर्थियों को वहां पहले ही प्रश्न पत्र मिले गए थे, जिसके बाद अन्य अभ्यर्थियों ने हंगामा किया था। उक्त सेंटर पर हुए घटनाक्रम को लेकर प्राचार्य समेत अन्य लोगों से पूछताछ हो रही है। पटना के भी कुछ व्यक्तियों से पेपर लीक को लेकर तहकीकात की गई। जांच के सिलसिले में ईओयू के अफसर बीपीएससी के पदाधिकारियों के भी संपर्क में हैं। एडीजी ईओयू नैयर हसनैन खां खुद पूरी जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 

पेपर कहां से लीक हुआ फिलहाल स्पष्ट नहीं

पेपर लीक के तार आरा स्थित कुवंर सिंह कॉलेज से जुड़ते नजर आ रहे हैं, पर अभी तक इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कहां और कैसे पेपर लीक हुआ इसकी जांच जारी है। ईओयू पूरे प्रकरण में संगठित गिरोह का हाथ मानकर जांच कर रही है। हालांकि इसके पीछे कौन लोग हैं और पेपर उनके हाथ कैसे लगा इसकी तह तक पहुंचने की कोशिश जारी है। इस बीच एसआईटी में कई अन्य पुलिस अफसरों को भी शामिल किया गया है।

  

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