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सपा दफ्तर में भीड़ः चुनाव आयोग सख्त, नेताओं पर एफआईआर के बाद इंस्पेक्टर सस्पेंड, एसीपी और एसीएम भी हटेंगे

 सपा दफ्तर में भीड़ः चुनाव आयोग सख्त, नेताओं पर एफआईआर के बाद इंस्पेक्टर सस्पेंड, एसीपी और एसीएम भी हटेंगे



समाजवादी पार्टी के विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित कार्यालय में शुक्रवार को सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम व वर्चुअल रैली के दौरान भीड़ जुटने पर चुनाव आयोग ने शाम को सख्त रुख अख्तियार किया। दोपहर में डीएम को निर्देश देकर गौतमपल्ली थाने में सपा नेताओं व करीब ढाई हजार कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी।


रात में डीएम की रिपोर्ट पर भीड़ जुटने के लिये लापरवाह मानते हुये इंस्पेक्टर गौतमपल्ली दिनेश सिंह विष्ट को निलम्बित करने का आदेश दिया। एसीपी हजरतगंज अखिलेश सिंह और एसीएम प्रथम (रिटर्निंग आफीसर) गोविन्द मौर्य को 15 जनवरी की सुबह 11 बजे स्पष्टीकरण देने को कहा गया। साथ ही एसीपी और एसीएम पद पर नई तैनाती के लिये तीन-तीन नामों का पैनल भी चुनाव आयोग ने देर रात मांग लिया।


वहीं चुनाव आयोग के आदेश पर पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने इंस्पेक्टर दिनेश सिंह विष्ट को निलम्बित कर दिया। नये इंस्पेक्टर की तैनाती के लिये भी तीन नामों का पैनल भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि इस मामले में अभी और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।


भाजपा से इस्तीफा देकर आये कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी समेत कई नेता शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने पहुंचे थे। इस दौरान मंच पर स्वामी प्रसाद के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी थे। इस आयोजन में सपा नेताओं के कहने पर काफी भीड़ जुटी थी।


सपा कार्यालय परिसर से मुख्य सड़क पर वाहनों की कतार लगी थी। यहां कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन होने की सूचना पर मिलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम अभिषेक प्रकाश ने डीसीपी पूर्वी अपर्णा गौतम से एफआईआर दर्ज करने को कहा। एफआईआर में कहा गया है कि लखनऊ में धारा 144 लागू होने की वजह से एक स्थान पर पांच या इससे अधिक लोग नहीं जुट सकते।


कोविड संकम्रण भी तेज फैला हुआ है। बावजूद इसके इसके नियमों का पालन भी नहीं किया गया। पुलिस अफसरों के मुताबिक गौतमपल्ली थाने में सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। 


भीड़ जुटने पर अफसरों की लापरवाही

चुनाव आयोग ने धारा 144 और आचार संहिता लागू होने के बाद भी सपा कार्यालय और बाहर करीब 2500 कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने पर डीएम की रिपोर्ट का संज्ञान लिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि गौतमपल्ली पुलिस व अन्य पुलिस अधिकारी की लापरवाही से भीड़ जुटी। गौतमपल्ली इंस्पेक्टर सपा कार्यालय के बाहर भीड़ जुटने से नहीं रोक सके।


डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि चुनाव आयोग के आदेश पर प्रथम दृष्टया लापरवाह मिले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इंस्पेक्टर को निलम्बित भी कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश का पालन कर दिया गया है। वहां इतनी भीड़ कैसे पहुंची, इसके लिये पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर पता कर रही है।

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