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पूर्णिया में 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए अपहृत लोजपा नेता अनिल उरांव की अपहरण के बाद हत्या

 



बिहार के पूर्णिया में फिरौती के लिए लोक जनशक्ति पार्टी(एलजेपी) के अपहृत नेता 38 साल के अनिल उरांव की हत्या कर दी गई है।अपह्रत लोजपा नेता का 72 घंटे बाद शव मिला है। गुरुवार दोपहर को केहाट थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस के समीप से अपहृत हुए लोजपा नेता अनिल उरांव उम्र 35 वर्ष निवासी जेपी नगर का शव के नगर थाना क्षेत्र से मिलने के बाद परिजनों समेत अन्य लोगों के द्वारा शहरी क्षेत्रों में सड़क जाम कर आगजनी के अलावा तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है।

अहले सुबह से ही लोग सड़क पर उतर कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नारे लगा रहे हैं । गुलाब बाग जीरोमाइल से जिला मुख्यालय तक जाम कर दिया गया है। पूर्णिया कोर्ट स्टेशन स्थित गुमटी नंबर पांच पर भी लगाकर परिजन हंगामा कर रहे हैं। पूर्णिया कोर्ट स्टेशन परिसर में भी तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया है। रेल की पटरी पर पाइप रख दी गयी है। इससे ट्रेन का परिचालन भी प्रभावित हुआ है। फिलहाल पुलिस की टीम परिजनों को समझाने में जुटी हुई है लेकिन परिजन कुछ भी मानने से इंकार कर रहे हैं।

पुलिस ने प्रथम दृष्टया अनुसंधान के तहत कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। प्रेम प्रसंग समेत जमीनी विवाद का भी मामला सामने आ रहा है। बताया जाता है कि पुलिस एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। परिजनों का यह भी आरोप है कि अपहर्ता के द्वारा दस लाख फिरौती भी ले लिया गया और इसके बाद भी उसकी हत्या कर दी गई । यदि पुलिस सक्रिय रहती तो अनिल उरांव की जान बच सकती थी। हालांकि पुलिस के द्वारा कई एंगल पर भी जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक दयाशंकर ने बताया कि मामले पर उनकी नजर बनी हुई है और जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

उधर लोजपा ध्यक्ष चिराग पासवान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि लोजपा आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व मनिहारी विधानसभा से रहे पार्टी प्रत्याशी प्रिय अनिल उरांव अब हम सब के बीच नहीं है। अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई है। उनके  अपहरण के बाद से ही मैं दो जिले के पुलिस अधीक्षक से सम्पर्क में था ताकि किसी तरह उनकी जान बच सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 

बता दें कि दो दिन पहले ही लोजपा नेता अनिल उरांव का अपहरण कर उनके परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। अनिल उरांव एलजेपी के एसटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने कटिहार की मनिहार सीट से 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

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