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गोपालगंज के अनुमंडल मुख्यालयों में बड़े भवन या सरकारी शिक्षण संस्थानों में अविलंब क्वॉरंटाइन सेंटर बनाया जाएगा



अनुमंडलीय क्वॉरंटाइन सेंटरों में नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा:

क्वॉरंटाइन सेंटरों में रहने वालों की निगरानी सीसीटीवी से की जाएगी: 

क्वॉरंटाइन सेंटरों की जिम्मेदारी नोडल पदाधिकारियों की होगी: 


गोपालगंज, 27 अप्रैल।

वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण को लेकर किसी अन्य राज्यों से बिहार आने वाले सभी तरह के श्रमिकों या लोगों के लिए विशेष रूप से कोरोना जांच व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने बिहार व उत्तर प्रदेश की सीमा पर अवस्थित गोपालगंज ज़िले के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी को पत्र जारी कर  जरूरी निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि की रोकथाम एवं उससे बचाव के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों से लौटने वाले श्रमिकों व अन्य लोगों के लिए अनुमंडल स्तरीय क्वॉरंटाइन  सेंटर के संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश निर्देश जारी किया गया है। इस संबंध में गोपालगंज सदर एवं हथुआ के अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया जाता है कि अपने-अपने अनुमंडल मुख्यालयों में क्वॉरंटाइन सेंटर के लिए अविलम्ब किसी भी बड़े भवन या सरकारी शिक्षण संस्थानों का चयन सुनिश्चित करेंगे। विभागीय पत्र के अनुसार यह भी कहा गया है कि उक्त क्वॉरंटाइन सेंटरों में ऐसे लोग जो संक्रमित नहीं हैं, लेकिन पूर्ण रूप से कोरोना जांच कराने के बाद ही अपने घर जाना चाहते या किसी अन्य कारणों से सीधे घर जाने में परेशानी हो रही  तो उक्त स्थिति में उनके रहने व खाने का प्रबंध किया जाएगा। यह व्यवस्था कोरोना जांच के परिणाम आने तक या अधिकतम चार दिनों तक ही होगी। बिहार के बाहर से आने वाले श्रमिकों व लोगों को भोजन, आवासन, सुरक्षा निगरानी एवं स्वास्थ्य जांच के संबंध में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी है।



-अनुमंडलीय क्वॉरंटाइन सेंटरों में नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सभी का पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य होगा: जिलाधिकारी

अनुमंडल स्तरीय क्वॉरंटाइन सेंटरों के चयन के बाद वहाँ की व्यवस्था की देख-रेख के लिए एक प्रभारी पदाधिकारी एवं उनके सहयोग के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे। क्वॉरंटाइन सेंटर के प्रभारी अनुमंडलीय स्तरीय पर्यवेक्षीय पदाधिकारी या कोई अन्य समकक्षी पदाधिकारी ही रहेंगे, जो सामाजिक दूरी एवं अन्य आवश्यक रूप से सावधानी के साथ-साथ सभी तरह के कार्यो को संपादित भी करेंगे। प्रत्येक अनुमंडलीय क्वॉरंटीन सेंटरों में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां पर बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं अन्य लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा तथा सभी लोगों को पंजीकरण के दौरान अनिवार्य रूप से मास्क उपलब्ध कराया जायेगा। सेंटर में पर्याप्त संख्या में हैंड सैनिटाइजर एवं हैंडवाश की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जायेगी।


-क्वॉरंटाइन सेंटरों में रहने वालों की निगरानी सीसीटीवी से की जाएगी: 

उक्त क्वॉरंटाइन सेंटरों में बिजली, पानी, आवासन, भोजन एवं चिकित्सीय सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की  जाएगी। दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की निगरानी के लिए क्वॉरंटाइन सेंटर के अंदर व बाहर सीसीटीवी  के अलावा बैरिकेडिंग भी करायी जाएगी। ताकि हर तरह की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी रहे। इसके साथ ही किसी भी तरह की जागरूकता के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी है। जिससे समय-समय पर लोगों को आवश्यक सावधानियों एवं नियमों जानकारी दी जाती रहे। अनुमंडल स्तरीय क्वॉरंटाइन सेंटरों में शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए  ज़िले के लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को लेकर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक निर्देश दिया गया है। वहीं क्वॉरंटाइन सेंटरों में आवासित लोगों की चिकित्सीय व्यवस्था से संबंधित सुविधा अनुमंडलीय अस्पताल द्वारा स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर उपलब्ध करायी जायेगी, जिसका निरीक्षण एवं अनुश्रवण स्थानीय ज़िले के सिविल सर्जन के द्वारा किया जायेगा। बाहरी लोगों के रहने के लिए क्वॉरंटाइन सेंटर में भोजन की व्यवस्था में सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखते हए, भोजन बनाने परोसने एवं बर्तन धोने सहित सभी जगहों पर आवश्यकतानुसार हैण्ड सैनिटाइजर एवं हैंडवाश की पर्याप्त व्यवस्था की जानी है। साथ ही सामाजिक दूरी का दृढता पूर्वक अनुपालन कराया जायेगा। भोजन में तले हुए पदार्थो की आपूर्ति बिल्कुल नहीं  की जायेगी। यह पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 


-क्वॉरंटाइन सेंटरों की जिम्मेदारी नोडल पदाधिकारियों की होगी: 

अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वय को निर्देश दिया गया है कि क्वॉरंटाइन सेंटर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे तथा वह अपने क्षेत्राधीन क्वॉरंटाइन सेंटर के नोडल पदाधिकारी रहेंगे, जो सेंटर की व्यवस्था एवं उसकी निगरानी के लिए जिम्मेवार होंगे। इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा कि क्वॉरंटाइन में रह रहे लोग किसी भी परिस्थिति में क्वॉरंटाइन अवधि के पूर्व सेंटर से बाहर नहीं जाएं। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सभी प्रतिनियुक्ति कर्मी एवं पदाधिकारियों की सूची ज़िले के आपदा प्रबंधन विभाग को अविलंब उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। वहीं सिविल सर्जन को यह भी निर्देश दिया गया है कि अनुमंडलीय क्वॉरंटाइन सेंटर के लिए चिकित्सक एवं पारा मेडिकल स्टॉफ की प्रतिनियुक्ति करते हुए संबंधित अनुमंडल के चिकित्सा पदाधिकारियों को नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त करेंगे एवं सभी प्रतिनियुक्ति, कर्मियों व पदाधिकारियों की सूची गोपालगंज के आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। क्वॉरंटाइन  सेंटर में आए श्रमिकों की चिकित्सीय जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 संक्रमण के लक्षण पाए जाते  तो उसे तुरंत आईसोलेशन सेन्टर में स्थांतरित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करायी जाएगी।

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