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PMCH कोविड वार्ड लापरवाही में लीपापोती की कोशिश! ड्यूटी रोस्टर से गायब हुई डॉक्टर की लिस्ट

 


बिहार के पीएमसीएच के कोविड वार्ड में बरती गई लापरवाही के बाद बर्खास्त हेल्थ मैनेजर अंजली ने अपने आपको बेगुनाह बताया। कहा कि डॉक्टरों द्वारा बरती गई लापरवाही के लिए उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उसने कहा कि कोविड वार्ड में इलाज से लेकर मरीजों की मौत और उसके प्रमाण पत्र बनाने तक की जिम्मेवारी वहां तैनात डॉक्टरों की है।

रविवार को मात्र एक मरीज की मौत हुई। भर्ती मरीज में से जिसकी हालत खराब होती है, उसकी सूचना परिजनों को भी देनी होती है। डॉक्टर के कहने पर इसका एनाउंस माइक के माध्मय से किया जाता है। ऐसे में गंभीर मरीज की बजाय स्वस्थ मरीज की मौत की घोषणा होने की जवाबदेही भी डॉक्टर की ही है। उसने बताया कि रोस्टर में जिन डॉक्टरों व कर्मियों की तैनाती की सूची थी, सोमवार की सुबह उसे गायब कर दिया गया है। कहा कि इवनिंग और नाइट शिफ्ट का रोस्टर है जबकि मॉर्निंग शिफ्ट का रोस्टर गायब हो गया है। उसने ड्यूटी रोस्टर के रजिस्टर और उसके पन्ने की फोटो भी ली है। 
 
हटा दिया गया मॉर्निंग शिफ्ट का रोस्टर
एक हेल्थ मैनेजर को बर्खास्त कर कार्रवाई की खानापूर्ति करने वाले पीएमसीएच के अधीक्षक को मॉर्निंग रोस्टर हटाने तक की जानकारी नहीं है। कोविड वार्ड के नाइट और इवनिंग शिफ्ट का रोस्टर है लेकिन मॉर्निंग शिफ्ट का गायब है। कोविड वार्ड के मॉर्निंग शिफ्ट में सर्जरी विभाग के एक सीनियर डॉक्टर व कुछ अन्य पीजी डॉक्टरों की तैनाती थी। उस समय ड्यूटी में सीनियर डॉक्टर थे कि नहीं इसपर भी मरीज के परिजन सवाल उठा रहे हैं। एक दिन पहले ही कोविड वार्ड से डिस्चार्ज हुई एक महिला मरीज ने बताया कि कोविड वार्ड में वार्ड बॉय और नर्स ही मरीजों का सहारा बनते हैं। डॉक्टर 24 घंटे में एक-दो बार ही वार्ड में मरीजों को देखने आते हैं। उसने बताया कि डॉक्टर ने वार्ड बॉय के कहने पर मृतक राजकुमार भगत को चुन्नू बताकर उसके परिजनों को शव सौंप दिया होगा।

कार्रवाई सिर्फ दिखावा 
पीएमसीएच के एक पूर्व चिकित्सक ने बताया कि भागलपुर अस्पताल के कोविड वार्ड में बिना मास्क पहने परिजनों के घुसने पर प्रधान सचिव ने वहां के अधीक्षक को तत्काल हटा दिया था। लेकिन यहां एक जीवित मरीज को मृत बताकर दूसरे का शव उसके परिजनों को सौंपने की गड़बड़ी हुई है। इससे पूरे देश में पीएमसीएच के साथ अपने राज्य की इलाज व्यवस्था की फजीहत हुई है। ऐसे में सिर्फ हेल्थ मैनेजर को बर्खास्त करना दिखावा प्रतीत होता है।

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