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Liquor ban in Bihar: शराब पीने से हुई थी झारखंड के 2 मजदूरों की मौत, जांच में खुलासा, बिना पोस्टमार्टम के ही शवों का कर दिया था दाह संस्कार

 


बिहार के गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाने के मझवलिया ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले झारखंड के दो मजदूरों की शराब पीने से ही मौत हुई थी। इसकी पुष्टि मृतकों की विसरा की जांच से हुई है। मुजफ्फरपुर से जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। 

मालूम हो कि विजयीपुर थाने के मठिया गांव में शराब पीने से छह लोगों की मौत हुई थी जबकि दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। मामले में विजयीपुर थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद महिला समेत अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था जबकि मठिया गांव का रहनेवाला व शराब माफिया सुभाष गोंड अब भी पुलिस पकड़ से बाहर है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले कोर्ट से वारंट निर्गत कराया था। बावजूद इसके उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी तो उसके खिलाफ कोर्ट में इश्तेहार जारी करने के लिए केस के आईओ की तरफ से अर्जी दी गई है। इश्तेहार जारी होने के बाद पुलिस की टीम आरोपित के घर पर उसे चस्पा करेगी। इसके बाद भी वह पकड़ में नहीं आएगा और सरेंडर नहीं करेगा तो पुलिस कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। इसकी तैयारी पुलिस कर रही है। 

15 फरवरी को पी थी जहरीली शराब
विजयीपुर थाने के मझवलिया गांव में स्थित ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले झारखंड के गुमला जिले के भरनो प्रखंड के मारासीली गांव के निवासी व मजदूरों ने मठिया गांव सुभाष गोंड के यहां जहरीली शराब पी थी। शराब पीने के बाद तीन मजदूरों की हालत बिगड़ती गई। 15 की रात ही एक मजदूर मांगू उरांव की मौत हो गई तो उसकी सरदारिनी उसके शव को लेकर गांव भाग गई। जबकि दो मजदूर बुधवा व कर्मा की मौत सदर अस्पताल में 16 फरवरी की सुबह लाने के क्रम में हो गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम करने के लिए भेज दिया। फिर अगले दिन यानी 17 फरवरी को स्थानीय चौकीदार के भाई अवध यादव व भतीजे काशी यादव की मौत हो गई थी। दोनों की मौत के बाद परिवार के सदस्यों ने आननफानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं 18 फरवरी को फिर से दो लोगों के आंखों की रोशनी चली गई। जिन लोगों के आंखों की रोशनी चली गई थी उनमें रामध्यान गोंड व तिलकधारी यादव शामिल हैं। 

मामले को दबाने की हुई थी कोशिश
मजदूरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शराब पीने से मौत होने का खुलासा नहीं होने पर विसरा जांच के लिए मुजफ्फपुर भेजा गसा था। अबविसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद शराब से ही मौत होने की पुष्टि हुई है। ज्ञात हो कि स्थानीय मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी लिखित तौर पर बयान दिया था कि मजदूरों व अन्य लोगों की मौत शराब पीने से नहीं हुई थी। 

विसरा जांच से अल्कोहल पीने से मौत होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद यूडी केस की जगह हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।- आनन्द कुमार,एसपी 

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