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गोरियाकोठी (सीवान)- सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को दिया आवेदन



70 वर्षो से चलते आ रहा इस सड़क को षड्यंत्र के तहत बंद करा दिया गया ।


गोरियाकोठी (सीवान) मार्ग मानव जीवन का अटूट हिसा होता है। यह सिर्फ मानव संसार का ही अहम हिसा नही है। बल्कि संसार मे किसी भी कार्य के लिए मार्ग की आवश्यकता अतिआवश्यक होता है। बिना मार्ग व रास्ता का कोई भी कार्य करना संभव नही है। अगर इसे हम आम बोल चाल में संसार का एक मुख्य अंग भी कह सकते हैं। क्यो की बिना रास्ता व मार्ग का करना कुछ भी संभव नही है। यही विधाता का विधान है। बरहाल मार्ग तो मार्गदर्शन का कार्य कराता है। जो आगे लेकर जाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। मार्गो के अवरुद्ध हो जाने से बड़ी से बड़ी समस्या व चुनौती विकराल रूप धारण कर खड़ा हो जाता है । जो किसी को भी विचलित कर सकता है। एक ऐसा ही बडी व कठिन समस्या विकराल रूप धारण कर गोरियाकोठी प्रखण्ड के महमदपुर पट्टी के ग्रामीणों के समक्ष खड़ा हो गया है। जहाँ गत 70 वर्ष से भी अधिक समय से सड़क का प्रयोग स्थानीय ग्रामीण कर रहे थे। हालांकि वाद विवाद व षड़यंत्र के तहद सड़क पर अतिक्रमण व अन्य माध्यमों से अवरुद्ध कर दिया गया। जिससे आवागमन बाधित हो गया तथा इस गाँव का लगाव मुख़्य सड़क से टूट गया। सड़क की ऐसी स्थिति हो गया है कि चार पहिया वाहन तो दूर तीन पहिला वाले रिक्सा तक नही जा पाता है। मुख़्य सड़क पर जाने के लिए लोगों को 5 से 6 किलोमीटर दूरी तय करना पड़ता है। वही अवरुद्ध व अतिक्रमण से त्रस्त सड़क से मुख़्य सड़क पर जाने  में 15 मिनट ही समय लगता है। हालांकि वर्तमान में इस सड़क की स्थिति बहुत ही खराब कर के रहा गया है। वही इस समस्या को लेकर सैकड़ों लोगों ने पदाधिकारीयो को आवेदन देकर सड़क की समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई। हालांकि कुर्सी के मतवाले लोगो की समस्या क्यो सुने..? क्या आवश्यकता है। समस्या से रूबरू होने की..? समस्या तो ग्रामीणों की है। वही समझे..?  जहा इस प्रकार के मानसिकता से परिपूर्ण अधिकारी कुर्सी पर होंगे तो समस्या को कौन सुनता है। ऐसे अधिकारी तो वसूली करने में ही संलिप्त रहते हैं। वही ग्रामीणों ने अपने दिए आवेदन पत्र में अंकित किया है कि महमदपुर पट्टी गाँव स्थित खेसरा नम्बर 1697 में सड़क चलता है। जिस सड़क को पूर्वजो के समय से ही चला आ रहा है। जिसका प्रयोग हम लोग भी किए है। हालांकि षडयंत्र के तहद सड़क की समस्या को प्रवल कर अवरुद्ध जैसा स्थिति उत्पन्न कर दिया गया। वही ग्रामीणों ने आगे बताया कि खेसरा नम्बर 1695 और 1696 के मध्य सड़क मात्र 8 खड़ी ही है। जिसको अवरुद्ध जैसा बना दिया गया है। जिस कारण से वाहनों के परिचालन बाधित  है। वही ग्रामीणो ने इस समस्या से निज़ात पाने की उम्मीद से अंचलाधिकारी को आवेदन पत्र लिखा है। हलाकि दुर्भाग्यपूर्ण है। कि अंचलाधिकारी सुनने को तैयार नही, जिससे ग्रामीणों जनता में असन्तोष की भावना प्रवल हो रही है।

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