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लोगों को गैर संचारी रोगों के प्रति भी सतर्क रहने की है जरूरत



- गैर संचारी रोगों के कारण एवं बचाव के उपाय की जानकारी जरूरी

- जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बनाया जा रहा है गैर संचारी क्लीनिक

- गैर संचारी रोगों की जांच के लिए सभी अस्पतालों में दिया गया है जांच किट


पूर्णिया, 26 अप्रैल


कोरोना संक्रमण से पूरा देश जूझ रहा है। लोगों को उससे बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है| साथ ही लोगों को अन्य जरूरी जानकारियां जैसे नियमित मास्क का प्रयोग, दो गज की सामाजिक दूरी, सैनिटाइजर का इस्तेमाल आदि दी  जा रही है। लेकिन लोगों को कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों से भी बचाव का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। उन बीमारियों में गैर संचारी रोग महत्वपूर्ण है। गैर संचारी रोगों में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), मधुमेह (डाइबिटीज), कैंसर, मोतियाबिंद, हृदय रोग, अल्जाइमर आदि हो सकते हैं। लोगों को इससे बचाव के लिए नियमित तौर से स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए। जिले में गैर संचारी रोगों की नियमित जांच के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर अलग से क्लिनिक  स्थापित किया  जा रहा  है जहां लोग प्रतिमाह अपनी निःशुल्क जांच करवा सकते हैं।


कुछ केंद्रों में शुरू हो चुकी है  गैर संचारी रोगों की जांच क्लिनिक  :

जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. भी.पी. अग्रवाल ने बताया लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अलग से गैर संचारी रोग क्लिनिक  की  स्थापना  की  जा रही  है। वर्तमान में जिले के अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा व बनबनखी के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा, भवानीपुर व बैसा में यह कार्यरत है। अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जल्द ही गैर संचारी रोगों की जांच के लिए अतिरिक्त क्लिनिक  स्थापित हो जाएंगे। वर्तमान में सभी स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी में ही गैर संचारी रोगों की जांच की जा रही है।


कारण एवं बचाव के उपाय की जानकारी जरूरी :

डॉ. अग्रवाल ने कहा गैर संचारी रोगों के कारण एवं बचाव के उपायों की जानकारी लोगों के लिए बहुत जरूरी  है। गैर संचारी रोगों की जानकारी लोगों को देर से होती  है और इसे ठीक होने में भी बहुत मुश्किल होता है। इससे सुरक्षित रहने के लिए लोगों को नियमित अपनी स्वास्थ्य जांच करवाते रहना चाहिए।


ये हैं प्रमुख गैर संचारी रोग :

उच्च रक्तचाप - इसके प्रमुख कारणों में अत्यधिक नमक का सेवन, शराब/तम्बाकू का सेवन, ज्यादा वजन या मोटापा, तनाव, गुर्दा की बीमारी आदि हो सकता  है। परिवार के किसी अन्य सदस्य के उच्च रक्तचाप का इतिहास भी लोगों को अपना शिकार बना सकता है। इससे बचाव हेतु वजन का नियंत्रित रखना, शारीरिक गतिविधियों में वृद्धि, तनाव से बचना, शराब/ तम्बाकू का सेवन वर्जित रखना, संतुलित आहार, फल, सब्जियों का सेवन, तेल, घी व नमक का सेवन कम करना, रक्तचाप की नियमित जांच करवाना आवश्यक है।

मधुमेह- मधुमेह के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब का लगना, लगातार वजन घटना, हमेशा संक्रमण होना ज्यादा भूख लगना आदि होता है। इससे बचाव के लिए नियमित शर्करा, गुर्दे, आंखों एवं पैरों की जांच कराना, वजन एवं रक्तचाप पर नियंत्रण रखना, कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने न देना, मदिरा/तम्बाकू का सेवन न करना, संतुलित आहार का सेवन, नियमित व्यायाम जैसे- तैरना, साइकिल चलाना, सुबह के समय में सैर करना इत्यादि है।

कैंसर - शरीर के किसी अंग में असामान्य सूजन, गांठ या कड़ापन, तिल, मस्से के आकार या रंग में परिवर्तन, ना खत्म होने वाला (नसूर) घाव, लगातार बुखार या वजन में कमी, 4 हफ्ते से अधिक समय तक अकारण दर्द, मूत्र विसर्जन में कठिनाई या दर्द का होना, 3 सप्ताह से अधिक लगातार खांसी या आवाज में परिवर्तन, मुँह के छाले या पैच का होना जिसका 2 सप्ताह से अधिक समय तक ठीक नहीं होना, असामान्य रक्त प्रवाह, मासिक धर्म पश्चात भी रक्त का बहना, 4-6 सप्ताह या उससे ज्यादा समय तक बार-बार दस्त होना, स्तन के आकार में परिवर्तन या रक्त का रिसाव आदि कैंसर के प्रमुख संकेत हैं। उक्त प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर लोगों को तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और उनके बताए गए सलाह के आधार पर ही जांच व दवा लेनी  चाहिए।

लकवा - यह एक प्रकार का मस्तिष्क  का दौरा है। मस्तिष्क के किसी भाग में रक्त का थक्का बनने या रक्त वाहिनी में किसी तरह का दरार होने के कारण मस्तिष्क के किसी भाग में रक्त के न पहुंचने से लकवा हो सकता है। इसके प्रमुख कारणों में धूम्रपान, मदिरा सेवन, मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग आदि हो सकता है। इसकी  रोकथाम के लिए रक्तचाप की नियमित जांच, मधुमेह नियंत्रण, तनाव से मुक्ति, नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार का सेवन, धूम्रपान/मदिरा से परहेज आदि हो सकता है।


गैर संचारी रोगों की जांच के लिए सभी अस्पतालों में दिया गया है जांच किट :

गैर संचारी रोग के जिला वित्तीय सलाहकार केशव कुमार ने बताया जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में गैर संचारी रोगों की जांच के लिए विशेष मेडिकल किट दिया गया है। इसमें ब्लड प्रेशर जांच मशीन, ग्लूकोमीटर जैसी अन्य सामग्री दी गई है। इन सामग्रियों द्वारा मरीजों की तत्काल जांच करते हुए उन्हें बचाव हेतु जरूरी दवाइयां दी जाती हैं । लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिमाह अपने नजदीकी अस्पताल में स्वास्थ्य जांच जरूर करवानी चाहिए।

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