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कोरोना के कहर से मजदूरों को नहीं मिल रहा है काम, महाराष्ट्र और पंजाब से लौटने को हुए मजबूर

 


देश के कई राज्यों में कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या के मद्देनजर आंशिक लॉकडाउन व कर्फ्यू लगने से मजदूरों व कामगारों का घर लौटना जारी है। गुरुवार को भी उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी व गोपालगंज सहित विभिन्न जिलों के प्रवासी मजदूरों का गोपालगंज के रास्ते घर लौटने का सिलसिला जारी रहा। 

मजदूर बस, पिकअप ट्रक आदि से लौट रहे हैं। ये मजदूर यूपी, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र व राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से वापस आ रहे हैं। पूर्वी चंपारण के चकिया के रामनरेश भगत, मुखिया भगत, राजकिशोर साह व भरत यादव ने बताया कि वे लोग पंद्रह लोगों के साथ महाराष्ट्र में मजदूरी करने गए थे। 

कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद कंपनी में काम बंद कर दिया गया है। वहां लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। पिछले साल कोरोना के दौरान लॉकडाउन में काफी परेशानियों से जूझना पड़ा था। इसलिए स्थिति को भांप कर वे लोग पहले ही घर लौट रहे हैं। 

पंजाब से बस से लौट रहे सीतामढ़ी के मजदूरों ने बताया कि अभी छह माह पहले ही रोजी-रोटी की तलाश में बाहर गए थे। हालांकि दूसरे राज्यों से लौट रहे प्रवासियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है।

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