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सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी को कृषि कार्य के लिए मिला अवार्ड, राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

 


बिहार के सहरसा जिले की सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कृषि क्षेत्र में कारोबार करने वाले देश के तेजी से उभरते कंपनी का उसे अवार्ड मिला है। कृषि उत्पादों को राष्ट्रीयकृत बाजार उपलब्ध कराने वाले केंद्रीकृत प्लेटफार्म एनसीडीईएक्स ने इसकी हाल ही में हुए वर्चुअल कार्यक्रम में घोषणा की है। 

जिस कार्यक्रम में सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को देश का तेजी से उभरते हुए कंपनी के रूप में घोषणा की गई उसमें एनसीडीईएक्स के सीईओ विजय कुमार सहित अन्य अधिकारी थे। वर्चुअल कार्यक्रम में सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सीईओ उदयशंकर झा ने कहा कि 13 जून 2018 को कंपनी गठन के समय 140 जीविका दीदियां जुड़ी थी। दीदियों ने जिले के मुख्य नगदी फसल मक्का की खरीद बिक्री का काम शुरू किया। 15 लाख 70 हजार रुपये से शुरू हुआ कारोबार डेढ़ साल में एक करोड़ 32 लाख पर पहुंच गया। कंपनी का वित्तीय वर्ष 2018-19 का कारोबार 19 लाख 52 हजार रुपये, 2019-20 में 52 लाख पर पहुंच गया। फिर वित्तीय वर्ष 2020-21 में एक करोड़ 32 लाख का कारोबार हो गया। उन्होंने कहा कि जीविका ने 15 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देकर दीदियों के हौसले को उड़ान भरने का काम किया। 

इस वित्तीय वर्ष में पांच हजार मीट्रिक टन मक्के का करेंगे कारोबार
सीईओ ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में पांच हजार मीट्रिक टन मक्के की खरीद व बिक्री का कारोबार करने की तैयारी है। कंपनी से जुड़ी दीदियां इसके लिए जुट गई है। सोमवार को जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड क्षेत्र के सहसौल गांव में मक्के का कारोबार बढ़ाने को लेकर बैठक भी की गई है। जिसमें कई व्यापारियों के द्वारा खरीद किए गए उत्पाद की कीमत नगद में नहीं देने से हो रही परेशानी से संबंधित बातें सामने आई है, जिसका निदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी 1800 जीविका दीदियां कंपनी से जुड़कर कारोबार को आगे बढ़ा रही है। दीदियां मक्का के अलावा धान बीज बिक्री और किचन गार्डन सीट से जुड़ा व्यापार भी करती हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 190 और 2020-21 में 604 मीट्रिक टन से अधिक मक्का की खरीद व बिक्री का काम किया गया है। इस काम में जिले की सबसे अधिक सौरबाजार, सोनवर्षाराज और पतरघट प्रखंड क्षेत्र की जीविका दीदियां सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़कर कारोबार कर आत्मनिर्भर व सबल हो रही है।

इस वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ पर ले जाएंगे कारोबार
सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने इस वित्तीय वर्ष में कारोबार को पांच करोड़ पर ले जाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के सीईओ ने कहा कि दो गुना से अधिक कारोबार का लक्ष्य निर्धारित करते उसे भी पूरा करेंगे।

जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को देश का उभरता हुआ कंपनी का अवार्ड मिलना काफी गौरव की बात है। इस कंपनी को और भी आगे ले जाकर जीविका दीदियों को स्वरोजगारी बनाकर रखना उद्देश्य है। 

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