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बिहार में फर्जी आइपीएस गिरफ्तार, युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे


नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाले फर्जी आइपीएस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नौकरी दिलाने के लिए वह दर्जनों युवकों से करोड़ों रुपये ठग चुका है। उसके पास से नकली वर्दी, नकली पिस्तौल, फर्जी नियुक्ति पत्र समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है।

सदर डीएसपी डॉ. शिब्ली नोमानी ने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने दीपनगर थाना क्षेत्र के कोरई गांव निवासी राजकुमार चौधरी के पुत्र सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसे कागजी मोहल्ला स्थित किराये के कमरे से रुपये लेते पकड़ा गया। वह युवाओं को नौकरी लगाने का झांसा देता था। बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर गायब हो जाता था। उसके पकड़े जाने के बाद एक दर्जन युवक-युवतियां उसकी शिकायत करने के लिए थाना पहुंच चुके हैं। 

मायाजाल फैलाकर ठगता था लोगों को
डीएसपी ने बताया कि खुद को आईपीएस दिखाने के लिए उसने पूरा मायाजाल फैला रखा था। सोशल मीडिया पर बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ फोटोशॉप की गयी तस्वीरें डालता था। एक दफ्तर की भी तस्वीर सामने आयी है, इसमें उसके आईपीएस होने का बोर्ड लगा है। सोशल मीडिया की प्रोफाइल में वर्दी में खिंचायी गयी तस्वीर लगा रखी है। जब कोई युवा झांसे में आ जाता तो उसे लग्जरी कार या पुलिस अधिकारियों के साथ ली गयी सेल्फी सोशल मीडिया पर डालकर प्रभावित कर लेता था। 

रेलवे, सचिवालय में नौकरी का झांसा
ठग युवाओं को रेलवे, सचिवालय समेत अन्य विभागों में नौकरी का झांसा देता था। वह युवाओं से 3 से 7 लाख रुपये लेता था। बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर अपना ठिकाना बदल लेता था। पीड़िता ने ठगी के मामले की शिकायत बिहार थाना में की थी। उसके बाद जाल बिछाकर उसे दबोचा गया। छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष दीपक कुमार, एसआई श्रीमंत कुमार सुमन आदि शामिल थे।

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