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रिश्ता हुआ तार-तार : अर्द्धविक्षिप्त लक्ष्मी को अस्पताल में छोड़ भागे माता-पिता

 



पावापुरी (नालंदा)। पावापुरी मेडिकल कॉलेज में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। एक बेरहम दिल माता-पिता ने कुछ दिन पहले लकवा और अर्द्धविक्षिप्त अपनी बच्ची लक्ष्मी को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। इलाज शुरू होने के कुछ ही घंटे बाद उस मासूम को छोड़ दंपती चलते बने। गत 11 दिनों से डेढ़ साल की लक्ष्मी का पावापुरी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। माता-पिता ने इलाज के दौरान नवादा का पता लिखवाया था। उसमें उन्होंने फोन नंबर भी गलत दिया है। अब उस बच्ची का लालन-पालन पावापुरी मेडिकल कॉलेज प्रशासन कर रहा है।

बच्ची मां के दूध के लिए रोती-बिलखती रहती है। उसके रोने पर मेडिकल कॉलेज की नर्स बोतल से दूध पिलाती हैं। बच्चे की दैनिक क्रिया के लिए डायपर लाती हैं। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने बताया कि होली के पहले एक माता-पिता आए थे। उन्होंने बच्ची को शिशु रोग उपचार के लिए भर्ती कराया था। बच्ची का नाम लक्ष्मी कुमारी बताया था। इसके साथ ही पिता का नाम राकेश कुमार और गांव गोसाईं बिगहा, नवादा थाना, जिला नवादा का पता दर्ज कराते हुए इलाज शुरू करने की गुजारिश की। इसके बाद इलाज शुरू हुआ। लेकिन, कुछ घंटे बाद ही जब डॉक्टर और कर्मचारियों ने उसके माता-पिता को खोजा, तो वे गायब हो चुके थे। जब बच्ची काफी रोने लगी, तो उसके लिखवाए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया गया। वह फोन कहीं और लग जाता है।

कर्मचारियों को लगा कि कहीं इधर-उधर चले गये होंगे। लेकिन, जब पूरा दिन बीत गया, तो लोगों को माजरा समझते देर न लगा। बच्ची से छुटकारा पाने के लिए माता-पिता उसे रोता-बिलखता छोड़ चले गये। अस्पताल प्रशासन ने इस बाबत स्थानीय पावापुरी ओपी पुलिस को भी सूचित किया है। अभी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी ही बच्ची को संभाल रहे हैं।

लेकिन, आखिर कब तक अस्पताल प्रशासन इस नन्ही-सी जान की देखरेख कर सकेगा। लोगों को उम्मीद है कि पिता नहीं तो माता की ममता एक न एक दिन जागेगी और अपनी लाडली को लेने आएगी। लेकिन, ऐसा होगा या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा।

अधिकारी बोले:

होली के पहले लक्ष्मी को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उस वक्त उसके माता-पिता अस्पताल आये थे। लेकिन, बिना कुछ बताये वेलोग कहां गायब हो गये, यह पता नहीं चल पा रहा है। इस कारण, स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी गयी है। फिलहाल बच्ची की देखभाल मेडिकल कॉलेज के कर्मी कर रहे हैं।

डॉ. ज्ञान भूषण, अस्पताल अधीक्षक, पावापुरी मेडिकल कॉलेज

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