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अररिया:- जिले में ब्लड बैंक की स्थापना को लेकर जल्द खत्म होगा लोगों का इंतजार



राज्यस्तरीय टीम ने ब्लड बैंक को लेकर सदर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लिया जायजा

पर्यवेक्षकों ने कहा उपलब्ध सुविधाएं ब्लड बैंक की स्थापना के लिये अनुकूल 


अररिया, 08 अप्रैल।

जिले में ब्लड बैंक की स्थापना को लेकर जिलावासियों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। सदर अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना को लेकर जारी कवायद अब अपने आखिरी चरण में है। अस्पताल परिसर में स्थित ब्लड स्टोरेज सेंटर को ही ब्लड बैंक के रूप में विकसित किया गया है। आगामी छह माह के अंदर ब्लड बैंक के पूरी तरह क्रियाशील होने की उम्मीद है। ब्लड बैंक की स्थापना को लेकर उपलब्ध संसाधनों का गुरुवार को राज्यस्तरीय टीम ने जायजा लिया। इस क्रम में टीम के अधिकारियों ने ब्लड बैंक की स्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण पहलूओं का बारिकी से निरीक्षण किया। अधिकारी निरीक्षण से संतुष्ट दिखे। निरीक्षण के क्रम में राज्य पर्यवेक्षक जीतेंद्र कुमार लाल, केयर इंडिया के डॉ तुषार, अस्पताल अधीक्षक डॉ राजेश कुमार, अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद, केयर इंडिया की डीटीएफओ डाली कुमारी, लेब टेक्निशियन अबरार आलम सहित अन्य मौजूद थे।


छह माह के अंदर ब्लड बैंक के क्रियाशील होने की उम्मीद: 

इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्यस्तरीय पर्यवेक्षक जीतेंद्र कुमार लाल ने कहा ब्लड बैंक की स्थापना को लेकर बरामदा, बाथरूम व गैलरी को छोड़ कर कम से कम 1076 वर्गफीट जगह का होना जरूरी है। सदर अस्पताल के ब्लड स्टोरेज सेंटर जिसे ब्लड बैंक के रूप में विकसित किया गया है। यहां 1135 वर्गफीट जगह उपलब्ध है। जो ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के अनुकूल है। ब्लड बैंक के लिये चिकित्सक, ए ग्रेड नर्स सहित दो लैब टेक्नीशियन उपलब्ध हैं। लिहाजा शत प्रतिशत मानव बल उपलब्ध हैं। एसी की अनुपलबद्धता को देखते हुए इसे क्रय करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए ये उम्मीद की जा सकती है कि आगामी छह माह के अंदर अररिया सदर अस्पताल में ब्लड बैंक पूरी तरह क्रियाशील होगा।


केंद्र स्तरीय टीम के निरीक्षण के उपरांत मिलेगा लाइसेंस: 

निरीक्षण के लिये पहुंची राज्यस्तरीय टीम में शामिल केयर इंडिया के डॉ तुषार ने बताया राज्यस्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है। अगले चरण में केंद्रीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जाना है। सीडीएसओ व डीआईओ के माध्यम से केंद्र का निरीक्षण किया जाना है। निरीक्षण के दौरान अगर कोई कमी पायी जाती है तो इसे निर्धारित समयाविधि में सुधार का अवसर दिया जायेगा। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ब्लड बैंक का लाइसेंस जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया अररिया सदर अस्पताल व फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में ब्लड बैंक स्टोरेज सेंटर क्रियाशील है। जल्द ही सदर अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना का भरोसा उन्होंने जताया।


गंभीर रोगियों का इलाज होगा आसान:

सदर अस्पताल के प्रबंधक विकास कुमार ने कहा ब्लड बैंक स्थापित होने से जिले वासियों को संबंधित ग्रुप के ब्लड की तलाश में इधर उधर भटकना नहीं होगा। इससे गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त व जटिल बीमारियों से ग्रसित लोगों को सही समय पर ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित कराना आसान होगा।

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