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बिहार ने केंद्र से मांगा 72 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन का कोटा

 


बिहार ने केंद्र सरकार से राज्य के लिए 72 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन का कोटा तय करने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि लिक्विड ऑक्सीजन का कोटा तय होने से यहां ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। 

मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव सह राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि राज्य में 14 ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें एयर जेनरेशन से 32 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता है। इनमें क्रायोजेनिक मशीन भी लगी हैं, जिससे 72 मीट्रिक टन लिक्टिड ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकता है। इस प्रकार, 104 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन बिहार में प्रतिदिन हो सकता है। बिहार में 60 मीट्रिक टन की दैनिक मांग है, जिसे आसानी से पूरा किया जा सकेगा। 

अब तक नहीं था कोटा तय 
मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित 12 राज्यों में बिहार नहीं था, इसलिए लिक्विड ऑक्सीजन का कोटा तय नहीं था। राज्य सरकार ने मंगलवार को केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में भी अपनी मांगों को रखा है। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी बोकारो, जमशेदपुर और राउरकेला से लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। 

ऑक्सीजन के भरे टैंकर को लेकर आज रवाना होगी ऑक्सीजन एक्सप्रेस 
देश में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए रेलवे द्वारा शुरू की गई ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार को भरे हुए ऑक्सीजन टैंकर लेकर रवाना होगी। इसके पहले मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से खाली टैंकर लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस सोमवार को विशाखापट्टनम के लिए रवाना हुई थी। अन्य राज्यों में भी जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन के खाली टैंकरों को ले जाने और भरे हुए टैंकर लाने के लिए भी ऑक्सीजन एक्सप्रेस की तैयारी हो रही है। उनके लिये राज्यों के साथ सहयोग एवं तकनीकी दिक्कतों को दूर करना शुरू किया जाएगा। 

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