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मोतिहारी में दवा व्यवसायी से रंगदारी मामले में तीन गिरफ्तार

 


मोतिहारी दवा व्यवसायी प्रभात प्रसाद से दस लाख रंगदारी मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों के पास से देसी पिस्तौल, कारतूस, मादक पदार्थ व रंगदारी मांगने में उपयोग किये गये मोबाइल व सिम बरामद किया गया। एसपी नवीन चन्द्र झा का कहना है कि रंगदारी नहीं मिलने पर तीनों बदमाश दवा व्यवसायी के घर पर फायरिंग की योजना बनाते पकड़े गए। गिरफ्तार बदमाशों में विशाल सिंह व विशाल कुमार पूर्व में चाकूबाजी व अन्य मामलों में जेल जा चुका है। अन्य थानों से भी दोनों की क्राइम हिस्ट्री खंगाली जा रही है।

प्रतिष्ठान पर फायरिंग की थी योजना

रंगदारी मांगने के बाद बदमाशों की योजना थी उसके दवा दुकान पर फायरिंग कर दहश्त फैलाया जाये। पूछताछ में बदमाशों ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि रंगदारी की राशि नहीं मिली तो व्यवसायी की दवा दुकान पर फायरिंग करनी थी। सभी गये भी थे लेकिन पुलिस की गतिविधि देख फरार हो गये। उसके बाद 12 मार्च को व्यवसायी के घर पर फायरिंग की योजना बनी थी। इसी बीच पकड़े गए। गिरफ्तार विष्णु दास ने सिम दिया था। मोबाइल विशाल कुमार ने उपलब्ध कराया था तथा विशाल सिंह बार-बार रंगदारी मांग रहा था।

गिरफ्तार रंगदार

मुफस्सिल थाने के लोकसा गांव के विशाल सिंह व बसतपुर गांव के विशाल कुमार व छतौनी थाने के बंगाली कॉलोनी के विष्णु कुमार दास को गिरफ्तार किया गया है। विशाल सिंह व विकास कुमार पूर्व में दोनों चाकूबाजी व अन्य घटना में जेल जा चुका है।

बरामद सामान

बदमाशों के पास से देसी कट्टा दो, कारतूस चार व मादक पदार्थ बरामद किया गया है। वहीं रंगदारी मांगने में जिस मोबाइल व सिम का उपयोग किया गया उसे भी बरामद कर लिया गया है।

छापेमारी टीम में थे शामिल

सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्त के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। रंगदारों को पकड़ने में छतौनी इंस्पेक्टर नित्यानंद चौहान, नगर इंस्पेक्टर विजय प्रसाद राय, तकनीकी शाखा प्रभारी मनीष कुमार, नाका एक प्रभारी संजय चौधरी व तकनीकी शाखा के सिपाही शामिल थे।

सिम बेचने वाला भी गया जेल

बदमाशों को गलत ढंग से सिम उपलब्ध कराने वाल विष्णु दास भी जेल गया। विष्णु छतौनी में छतरी लगाकर सड़क के किनारे सिम बेचता है। बदमाशों ने उससे भेंट की और बोला कि उसे सिम चाहिए लेकिन उसके नाम पर नहीं। सिम विक्रेता ने अधिक रुपये लेकर एक अन्य परिचित लड़के के नाम पर ओटीपी मंगाया और बदमाशों को सिम उपलब्ध करा दिया। जिसके मोबाइल पर ओटीपी मंगाया उसे उतना समझा व पता भी नहीं था कि उस सिम से रंगदारी भी मांगी जायेगी। एसपी ने सख्त हिदायत दी है कि कोई सिम विक्रेता रुपये की लालच में गलत लोगों से सिम बेचेगा तो पकड़े जाने पर उसे जेल जाना पड़ेगा।

दवा व्यवसायी से मांगी थी रंगदारी

05 मार्च से लेकर 08 मार्च तक शहर के मेन रोड के दवा व्यवसायी प्रभात स्टोर्स के मालिक से कुणाल सिंह के नाम पर बदमाशों ने दस लाख रुपये रंगदारी मांगी। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गयी थी। 09 मार्च को व्यवसायी प्रभात प्रसाद ने नगर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी थी। वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल के दौरान बदमाश पकड़े गए।

मोबाइल व्यवसायी से भी रंगदारी का होगा भंडाफोड़

08 मार्च को मीना बाजार के मोबाइल व्यवसायी पंकज केसरी से भी दस लाख रंगदारी मांगी गयी थी। इस मामले में भी पुलिस बदमाशों के करीब पहुंच गयी है। एसपी नवीन चन्द्र झा का कहना है कि मोबाइल व्यवसायी से रंगदारी की घटना का भी शीघ्र भंडाफोड़ होगा।

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