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छपरा:- सब इंस्पेक्टर हत्याकांड का हुआ खुलासा, तीन हत्यारे गिरफ्तार

 


अप्राकृतिक यौनाचार को लेकर हुई थी लोहे के रॉड से पीट कर व दाब से गला रेत हत्या

सब इंस्पेक्टर की टूटी मोबाइल को पुलिस टीम ने किया जब्त


छपरा। अवतार नगर थाना पुलिस ने सब इंस्पेक्टर हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है। इस हत्याकांड में शामिल चार अभियुक्तों में से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को सदर डीएसपी मुनेश्वर प्रसाद सिंह ने अवतार नगर थाने में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कहा कि बच्चों से अप्राकृतिक यौनाचार कराने में सब इंस्पेक्टर लिप्त थे। पुलिस को दिये गये बयान में गिरफ्तार अपराधियों ने गुनाह कबूलते हुए यह जानकारी दी है। सदर डीएसपी ने बताया कि सब इंस्पेक्टर के मोबाइल फोन को तोड़कर इन लोगों ने फेंक दिया था, उसे भी पुलिस ने जब्त किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में डोरीगंज थाना क्षेत्र के काजीपुर व मानपुर गांव के रहने वाले युवक शामिल हंै। टीम फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। डीएसपी ने बताया कि इन सभी को डुमरी जुअरा हाल्ट स्टेशन पर सब इंस्पेक्टर बुला लेते थे और गलत काम करने के लिए कहते थे । अबकी बार इन लोगों ने सब इंस्पेक्टर से मोबाइल की डिमांड की थी लेकिन जब मोबाइल नहीं दिए तो फिर प्लान कर हत्या कर दी।

दो दिनों पहले की गयी थी हत्या

मालूम हो कि दो दिन पहले अवतार नगर थाना क्षेत्र के डुमरीजुअरा हॉल्ट के समीप समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर राणा रविरंजन प्रताप सिंह की लोहे के रॉड व दाब के प्रहार से हत्या कर दी गई थी। हत्या की खबर की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गयी। सब इंस्पेक्टर मंगलवार से ही गायब थे।मृतक सब इंस्पेक्टर राणा रवि रंजन प्रताप सिंह अवतार नगर थाना क्षेत्र के नरांव निवासी देवेंद्र सिंह के 55 वर्षीय पुत्र थे। जानकारी के अनुसार सब इंस्पेक्टर मंगलवार को दोपहर में अपनी ड्यूटी से छुट्टी लेकर घर आए थे। संध्या समय घर से सब्जी खरीदने धनौरा बाजार आए थे। सब्जी खरीद घर भेज दिए और स्वयं घर नहीं लौटे। लगभग 7 बजे संध्या के करीब घर से फोन आया तो वह बोले की थोड़ी देर में घर लौट रहे हैं। लेकिन जब वह रात 8 बजे तक नहीं लौटे तो पुन: उनके मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया। उनका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। इसके बाद परिजन परेशान होने लगे। रात 10 बजे तक जब वह घर नहीं लौटे तो चारों तरफ उनकी खोजबीन शुरू की गई। रिश्तेदारों के यहां भी फोन पर पता लगाने की कोशिश की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद सुबह राणा रवि रंजन प्रताप सिंह के पुत्र अमन प्रताप ने अपने पिता के अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए अवतार नगर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई। अवतार नगर पुलिस के साथ ग्रामीण भी चारों तरफ खोजबीन करने लगे। संध्या पांच तक शक के आधार पर डोरीगंज थाना क्षेत्र के काजीपुर गांव व विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर पता लगाने का प्रयास किया गया लेकिन कोई पता नहीं चला। छापेमारी के दौरान ही जब अवतार नगर पुलिस व ग्रामीण डुमरी जुअरा स्टेशन के समीप पहुंचे कि तभी एक युवक ने स्टेशन के समीप खेत में शव होने की बात पुलिस को बताई।

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