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पटना जंक्‍शन पर ट्रेन दुर्घटना का सायरन बजते ही सहमे रेलकर्मी, दो घंटे तक राहत कार्य में जुटी रही एनडीआरएफ टीम

 


पटना/खगौल, । ' समय 10.45 बजे, दानापुर कंट्रोल से पटना जंक्शन समेत सभी प्रमुख स्टेशनों पर अचानक मंडुआडीह पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस के दानापुर के जमालुद्दीनचक के पास ट्रेन पटरी से उतर गई है। इस दुर्घटना में कई यात्रियों के मरने एवं जख्मी होने की सूचना मिल रही है। सभी स्टेशनों पर तत्काल हेल्प लाइन केन्द्र खोलकर पूछताछ करने वाले यात्रियों के परिजनों तक सही सूचना देने की कोशिश करें। आरपीएफ के जवान सभी स्टेशनों पर सतर्क रहें।' इतना सुनते ही पटना जंक्शन समेत सभी स्टेशनों पर अफरातफरी मच गई। सारे अधिकारी-कर्मचारी स्टेशन पहुंचने लगे। पूरे जंक्शन परिसर को आरपीएफ ने घेर लिया। तत्काल कंट्रोल रूम खोल दिया गया। कंट्रोल रूम का फोन भी घनघनाने लगा। काफी देर तक रेलकर्मियों को यह अहसास नहीं हो सका कि वास्तविकता क्या है? बाद में उन्हें बताया गया कि यह मॉकड्रिल था।

आपातकालीन सायरन पर एनडीआरएफ टीम ने मोर्चा संभाला 

इस संबंध में जन संपर्क अधिकारी पृथ्वी राज ने बताया कि रेलवे में ट्रेन दुर्घटना होने के बाद राहत कार्य का एनडीआरएफ व रेल प्रशासन ने संयुक्त रुप से मॉकड्रिल कर अभ्यास किया। दानापुर रेलवे स्टेशन के पश्चिम जमालुद्दीनचक के समीप बुधवार की सुबह पौने ग्यारह बजे ट्रेन दुर्घटना के बाद आपातकालीन सायरन बजते ही अफरा तफरी मच गई। एनडीआरएफ की नौवीं बटालियन के सेकेंड इन कमांडेंट हरविंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट अभिषेक कुमार राय की अगुवाई में राहत कार्य शुरू हुआ। इस दौरान रेलवे के विभागीय कर्मचारी व एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया।  जीआरपी व आरपीएफ के दर्जनों जवान राहत कार्य में जुटे रहे। इसमें रेलवे के विभागीय कर्मचारी भी पहुंच गए। इस दौरान दुर्घटनाग्रस्त बोगी के छत, दरवाजा व खिड़की को कटर से काटकर यात्रियों के क्लोन शव व घायलों को बाहर निकाला गया। रेल मंडल अस्पताल व जिले के चिकित्सकों की टीम प्राथमिक उपचार के साथ ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी रही।

एनडीआरएफ के सहयोग में जुटी टीम

मॉक ड्रिल में पहुंचे दानापुर मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि रेलवे में आयोजित मॉकड्रिल की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। इस तैयारी का उद्देश्य ऐसी आपात स्थिति मे यात्रियों को तत्काल राहत व बचाव के चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देना है। इसमे एनडीआरएफ के साथ रेलवे के विभिन्न अंग, जिला प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी व स्काउट एंड गाइड का अहम योगदान रहता है, जो दो घंटे तक चली इस मॉकड्रील में देखने को मिला। उन्होंने बताया कि अब रेलवे व एनडीआरफ के पास बचाव से संबंधित अत्याधुनिक मशीन मौजूद है जो कम समय में राहत पहुंचाने का काम करती है। इस मौके पर एडीआरएम महेश कुमार समेत कई रेल अधिकारी मौजूद थे।

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