Breaking News

छपरा:- बीएसएफ के जवान नितेश का पहुंचा शव, मचा कोहराम

 


त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में पदस्थापित बीएसएफ जवान की हो गई थी मौत

परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे जिला प्रशासन के कई अधिकारी

अंतिम संस्कार में शव यात्रा में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

छपरा। शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के उमधा गांव निवासी व त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बीएसएफ के 31 बटालियन में पदस्थापित जवान नितेश कुमार सिंह का शव गांव पहुंचते ही शुक्रवार की सुबह परिजनों में मातम छा गया और चीख-पुकार शुरू हो गई। बिहार पुलिस से रिटायर्ड देवेंद्र सिंह के तीन पुत्रों में सबसे छोटे नितेश की मौत परिजनों के अनुसार 17 मार्च को हो गई थी। परिजनों ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के दूसरा डोज लेने के बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ गई जिसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गयी थी। हालांकि अधिकारिक रूप से उसके मौत के कारण स्पष्ट नहीं किए हैं। मालूम हो कि साढे तीन वर्ष पहले सारण जिले के दिघवारा थाना क्षेत्र के आमी गांव में लव कुमार सिंह की बहन प्रियंका से हुई थी और ढाई वर्ष का एकमात्र पुत्र वंश उर्फ शुभम है। आपको बता दें कि शव को पटना एयरपोर्ट से बिहटा में बीएसएफ के एनडीआरएफ जवानों ने रिसीव किया। मुफस्सिल पुलिस को इसकी सूचना दी गयी और थाने की पुलिस शव को लेकर सुबह शुक्रवार को उमधा पहुंची। जानकारी हो कि मौत की सूचना पहले से ही परिजनों को मिल गई थी, जिससे परिजनों में मातम छाया था और पूरे गांव का माहौल गमगीन बना हुआ था। घर पर गांव के लोगों की भीड़ शव पहुंचते ही उमड़ पड़ी। पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर हाल बेहाल है । जवान का शव पहुंचने के बाद अपर समाहर्ता डॉक्टर गगन, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरूण कुमार सिंह, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुनेश्वर प्रसाद सिंह के अलावा मुफस्सिल थानाध्यक्ष दयानंद सिंह और सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचल पदाधिकारी पहुंचे हुए हैं। सम्मान के साथ बीएसएफ के जवान का अंतिम संस्कार रिविलगंज के गोरिया छपरा श्मशान घाट पर किया गया।

नितेश के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी गांव में भीड़

बीएसएफ के जांबाज़ जवान नितेश कुमार सिंह का जब शव उनके गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए गांव की भीड़ उमड़ पड़ी। सब लोग एक झलक पाना चाहते थे और सब की आंखों में गम के आंसू छलक रहे थे। पुलिस लाइन से मंगाए गए पुलिस वैन को फूलों से सजाया गया था। क्या बुजुर्ग व क्या नौजवान। सब अपने गांव के लाल के अंतिम संस्कार में पैदल निकल पड़े। आपको बता दें कि नीतीश सभी भाइयों में छोटे थे। बड़े भाई रुपेश सिंह , भोलू सिंह और पिता देवेंद्र सिंह कह रहे थे कि भगवान आपने यह क्या कर दिया ।

थाने से शव यात्रा के लिये भेजी गई गाड़ी हो गई खराब

जिस जवान के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से जो वाहन उपलब्ध कराए गए थे वह रास्ते में ही खराब हो गयी लेकिन बाद में घंटों देरी बाद फिर पुलिस लाइन से बड़ा वाला वैन लाया गया और फिर फूलों से सजा कर उस पर जवान का ताबूत चढ़ा। 9:30 बजे शव यात्रा निकाली गई।

कोई टिप्पणी नहीं

बिहार खबर वेबसाइट पर कॉमेंट करने के लिए धन्यवाद।