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Bihar Panchayat elections: बिहार में हिंसा मुक्त पंचायत चुनाव के लिए पुलिस-प्रशासन ने की तैयारी


बिहार में पंचायत चुनाव और उससे पहले होली को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद और डीजीपी एसके सिंघल ने शुक्रवार को आला अधिकारियों की मौजूदगी में जिलों के डीएम-एसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग की। इस दौरान उन्होंने हिंसामुक्त पंचायत चुनाव और होली पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई निर्देश दिए। 

सीसीए व अन्य निरोधात्मक कार्रवाई होगी
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और डीजीपी ने प्रमंडलीय आयुक्त, रेंज अईजी-डीआईजी और सभी जिलों के डीएम-एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान होली और पंचायत चुनाव समेत अपराध नियंत्रण और जेलों की व्यवस्था के साथ मद्य निषेध को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। जिले के अधिकारियों को पंचायत चुनाव की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अभी से अभियान चलाने को कहा गया है। चुनाव में हिंसा न हो इसके लिए असामाजिक तत्वों पर निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) के तहत प्रस्ताव समर्पित करने और उसपर कार्रवाई को कहा गया है। डीएम और एसडीओ को नियमित रूप से कोर्ट लगाने का निर्देश दिए गए हैं। 

होली पर बनी रहे कानून-व्यवस्था
होली पर शांति एवं सद्भावना बनी रहे इसके लिए बदमाशों के साथ सख्ती से पेश आने के निर्देश आला अधिकारियों ने दिए हैं। खुफिया जानकारी इकट्ठा करने पर जोर देते हुए होली के दिन क्षेत्र में तैनात सभी पुलिसकर्मी को पूर्ण वर्दी और पूरी तरह सजग रहने को कहा गया है। 

हथियार दुकानों का होगा सत्यापन
अपर मुख्य सचिव ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई और दिशा-निर्देश दिए। इसमें लाइसेंसी हथियार दुकानों का नियमित रूप से सत्यापन, बैंक सुरक्षा के लिए प्रबंधकों के साथ तालमेल स्थापित करने को कहा गया है। वहीं इंज्यूरी रिपोर्ट पुलिस को समय से मिले इसके लिए डीएम को लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अभियोजन के कामकाज की भी समीक्षा होगी। वहीं जेलों की सुरक्षा और प्रतिबंधित सामग्री के कारा में प्रवेश को रोकने के लिए मद्देनजर नियमित रूप से जेलों का निरीक्षण करने को कहा गया है। 

शराब का धंधा रोकने को शहरों में विशेष इकाई 
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मद्य निषेध पर भी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान शहरों में शराब के धंधे पर शिकंजा कसने के लिए विशेष इकाई का गठन करने के साथ जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। दूर-दराज के इलाकों में शराब का धंध न हो इसके लिए दियारा में लगातार छापेमारी, शराब के बड़े धंधेबाजों पर नकेल कसने, शराब कारोबारियों की जब्त संपत्ति की जल्द निलामी करने और स्पीडी ट्रायल कराकर सजा दिलाने को कहा गया है। 

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