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शिक्षा विभाग बिहार: पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चे बिना परीक्षा अगली कक्षा में होंगे प्रोन्नत

 


शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में चल रहे शैक्षणिक सत्र 2020-21 में पहली से आठवीं तक के 1.66 करोड़ छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा लिए ही अगली कक्षा में भेजने का आदेश जारी किया है। विभाग ने इसको लेकर एक शैक्षणिक सत्र के लिए आरटीई की नियमावली को शिथिल करने पर स्वीकृति देते हुए मंगलवार को संकल्प भी जारी कर दिया है। साथ ही इसे ई-गजट में भी प्रकाशित करने का निर्देश दिया है। संकल्प मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की प्रत्याशा में जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग के उप सचिव अरशद फिरोज द्वारा जारी संकल्प में कहा गया है कि बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य (संशोधन) नियमावली 2019 का नियम 10 ‘क’ कक्षा -5 एवं कक्षा-8 के लिए वार्षिक परीक्षा के आयोजन से संबंधित है। इसके तहत वार्षिक परीक्षा में अनुतीर्ण होने वाले बच्चों को पाचवीं तथा आठवीं में रोका जा सकता है। संकल्प में कहा गया है कि कोरोना के मद्देनजर राज्य के सभी विद्यालय 13 मार्च 2020 को ही बंद कर दिए गए थे।

संक्रमण के प्रभाव में कमी को देख 8 फरवरी 2021 से कक्षा छह से आठ, जबकि 1 मार्च 2021 से पहली से पांचवीं कक्षाएं सशर्त खोली गई हैं। हालांकि कक्षा पांच एवं कक्षा आठ की वार्षिक परीक्षा में कठिनाई दिख रही है। ऐसी स्थिति में शैक्षणिक सत्र 2020-21 में आरटीई नियमावली 2019 के नियम 10 ‘क’ को शिथिल किया जा सकता है, ताकि कक्षा पांच एवं आठ के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जा सके। साथ ही संबंधित विद्यार्थियों के लिए अप्रैल से जून 2021 तक कैचअप कोर्स का संचालन करते हुए संबंधित पाठ्यक्रम को पूर्ण करते हुए अगले वर्ग के संचालन की योजना है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कक्षा-1 से चार एवं कक्षा 6,7 तक में सत्र के अंत में मूल्यांकन किया जाता है और वर्ग प्रोन्नति के लिए वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्णता की अनिवार्यता नहीं है।

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