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बिहार: सुपौल में परिवार के 5 सदस्य खुदकुशी प्रकरण की जांच करने भागलपुर से पहुंची फॉरेंसिक टीम


बिहार के सुपौल में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के संदिग्ध हालात में खुदकुशी करने के मामले में घटना की जांच करने भागलपुर से चार सदस्यीय फोरंसिक टीम पहुंच गई। घटना को लेकर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी कौतूहल है। पुलिस घटना को लेकर कुछ भी बताने से कतरा रही है। वहीं अब तक ग्रामीणों से जो जानकारी मिली है उससे पता चलता है आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार ने अपनी जिंदगी खत्म करना ही मुनासिब समझा। फोरंसिक टीम शव को उतार कर जांच में जुट गई है। जांच के बाद ही खुदकुशी को लेकर पुलिस भी कुछ बताने की स्थिति में होगी।

बता दें कि बिहार के सुपौल में एक ही परिवार के पांच लोग फांसी से लटके हुए मिले। पति-पत्नी और तीन बच्चों की एक साथ अत्महत्या से इलाके के लोग सकते में हैं। आशंका जताई जा रही है कि आर्थिक तंगी से परेशान चल रहे परिवार ने आत्महत्या की है। ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं पुलिस एक ही कमरे में सभी शव लटके होने से आत्महत्या की आशंका जता रही है।

जानकारी के मुताबिक राघोपुर पंचायत के गद्दी वार्ड 12 के मिश्री लाल साह (50) के घर गंध आने पर ग्रामीणों ने इनकी सूचना मुखिया मो तस्लीम को दी। इसके बाद मुखिया सहित अन्य लोग घर कर बाहर के दरवाजे पर लगे ताले को तोड़कर अंदर घुसे। घर का एक कमरा भीतर से बंद था। लोगों ने खिड़की से देखा तो पांच लोगों का शव रस्सी के फंदे से लटक रहे थे।

मृतकों में मिश्री लाल साह उनकी पत्नी रेणु देवी 45 वर्ष, उनकी दो नाबालिग बेटी और एक बेटा शामिल है। लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। घटना के बाद मौके पर एसपी मनोज कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष सुशांत कुमार चंचल सहित डीएसपी रामानंद कौशल पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस प्रथमदृष्टया इसे सामूहिक आत्महत्या का मामला मान रही है। हालांकि अबतक कारणों का पता नहीं चल पाया है।  

आर्थिक तंगी से गुजर रहे परिवार ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी थी 
घटना के बारे में जो जानकारी निकलकर आ रही उसके अनुसार परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले शनिवार तक इस परिवार के लोगों को देखा गया था लेकिन उसके बाद से लोगों ने घर के किसी सदस्य को नहीं देखा। घटना से आसपास के लोग सकते में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से गुजर बसर करने के लिए मिश्रीलाल साह ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। दो साल से आर्थिक तंगी से गुजर रहा यह परिवार कोयला बेचकर गुजारा कर रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिनों से परिवार ग्रामीणों से अलग-थलग रहने लगा था। लोगों से मेल मिलाप भी एकदम कम कर दिया था। लोगों ने भी उनकी खोज-खबर लेनी छोड़ दी थी।

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