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सीवान- वैक्सीन के बेहतर प्रबंधन व रख-रखाव को लेकर कोल्ड चेन हैण्डलरों को दिया गया प्रशिक्षण





वैक्सीन के प्रबंधन में होती है कोल्ड चेन हैंडलर की महत्वपूर्ण भूमिका

ई-विन एप से होती नियमित टीकाकरण वैक्सीन की निगरानी

दस प्रखंडों के दो-दो एएनएम या जीएनएम को दिया गया प्रशिक्षण



सीवान । भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ई-विन कार्यक्रम (इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) के तहत जिले के कोल्ड चेन हैंडलर को वर्ष में एक बार विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी क्रम में जिले के कोल्ड चेन हैंडलर का दो बैचों में अलग अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में किया गया। प्रशिक्षण का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. यदुवंश कुमार शर्मा, एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सिवान डा. प्रमोद कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से किया। सीएस डॉ यदुवंश कुमार शर्मा ने कहा कि  बच्चों को नौ प्रकार की जानलेवा बीमारी से बचाव हेतु नियमित टीकाकरण कार्यक्रम सरकार के द्वारा चलाया जा रहा है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत पड़ने वाली दवाओं से बच्चों को यक्ष्मा, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, डिप्थेरिया, कुकुर खांसी, टिटनस, मस्तिष्क ज्वर, मैनिनजाइटिस एवं खसरा बीमारियों से बचाव होता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोल्ड चेन हैंडलर्स को वैक्सीन के रखरखाव, तापमान निगरानी, वैक्सीन स्टॉक, वैक्सीन वेस्टेज रोकने आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद जहां वैक्सीन की बर्बादी में कमी आएगी, वहीं प्रबंधन की गड़बड़ी से किसी प्रखंड में टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित नहीं होने पाएगा। उन्होंने बताया कि ई-विन के उपयोग से जिले में किसी वैक्सीन की कोई कमी नहीं होती है जिससे टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से चलता रहता है। 



 वैक्सीन के तापमान व स्टॉक की ऑनलाइन निगरानी:


यूएनडीपी के कोल्ड चेन मैनेजर मनोज कुमार यादव ने  कोल्ड चेन हैंडलर्स को बताया कि सभी कोल्ड चेन उपकरण आईएलआर, डीप फ्रीजर, कोल्ड बॉक्स, वैक्सीन कैरियर, आइस पैक, थर्मामीटर, आदि का उपयोग कैसे करना है। वैक्सीन के रखरखाव व सही तापमान की निगरानी के लिए आईएलआर में टेंपरेचर लॉगर लगा है, जिनके जरिए ऑनलाइन तापमान की निगरानी की जाती है। ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से वैक्सीन के तापमान, स्टॉक, वेस्टेज आदि पर हर समय ऑनलाइन निगरानी की जा रही। इससे कोल्ड चेन मैनेजमेंट सहित अन्य जानकारियां भी आसानी से मिल रही हैं। यूएनडीपी के भीसीसीएम ने वैक्सीन से संबंधित रिपोर्टिंग आदि के बारे में बारीकी से बताया। कहा कि प्रतिदिन की ऑनलाइन रिपोर्टिंग पर ध्यान दें। सिस्टम में रहकर काम करने से टीकाकरण कार्यक्रम संचालित करने में सुविधा होगी। 


 ऐसे काम करता है ईविन:


कोल्ड चेन में टीके रखने के डीप फ्रीजर में थर्मामीटर लगाया गया है । ऐसे में फ्रीजर के बंद या खराब होने पर इसकी जानकारी संबंधित स्टाफ के पास चली जाती है। फ्रिज का तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा जाने पर मोबाइल से मैसेज या अलार्म बजने लगता है। ऐसे में स्टाफ तुरंत जाकर टीके को देख लेता है एवम उसे खराब होने से बचा लेता है। ईविन से टीके के स्टॉक की जानकारियां भी आसानी से मिल जाती हैं  ।


दो अलग-अलग बच्चों में दिया गया प्रशिक्षण:


जिला प्रतिरक्षण कार्यालय के डाटा सहायक अशोक कुमार ने बताया कि जिले में नियमित टीकाकरण व कोविड टीकाकरण के अंतर्गत कोल्ड चेन चैन हैंडलर के  दो बैचों में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। पहला 10 प्रखंडों के दो-दो एएनएम या जीएनम को 25 फरवरी को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 26 फरवरी को दस अन्य प्रखंडों के कोल्ड चेन हैंडलरों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण  में डाटा सहायक अशोक कुमार शर्मा, कोल्ड चेन टेकनिसियन, साहिल  किशोर कुमार आदि मौजूद थे।

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