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मोतिहारी- रिगा चीनी मिल मामले में जाप नेता ने गन्ना मंत्री पर साधा निशाना.


रिगा चीनी मिल के मालिक और प्रबन्धक के ऊपर हो रही कानूनी करवाई की बात गन्ना मंत्री प्रमोद कुमार द्वारा किये जाने के बाद जन अधिकार पार्टी के प्रदेश सचिव सह ढाका विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अभिजीत सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि माननीय गन्ना मंत्री का जो बयान आया है रीगा चीनी मिल के संबंध में मैं जानना चाहता हूं कि क्या चीनी मिल के मालिक और सीएमडी के हाथ में हथकड़ी लगा देने से चीनी मिल का समाधान हो जाएगा । माननीय मंत्री को यह भी बताना चाहिए कि चीनी मिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्या   नीति है उनकी और उस पर क्या उनकी सरकार का क्या विचार है। पिछले 16 सालों से माननीय मंत्री जी की पार्टी समर्थित ही सरकार राज्य में है । मैं माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता हूं की हर  चीनी मिल की हर साल ऑडिट रिपोर्ट आती है , तो क्या सरकार पिछले 15 सालों से उस चीनी मिल का ऑडिट रिपोर्ट नहीं देख रही थी । क्या उन अधिकारीयों की भी जाँच होगी  जो आंख मूंद के ऑडिट रिपोर्ट कर रहे थे और चीनी मिल को डूबने में सहायता कर रहे थे । माननिये मंत्री जी ये भी बताए कि उन्होंने उन 60 हजार परिवार के लिए क्या सोच है जो चीनी मिल से अपना जीविकोपार्जन करते है । जाप नेता श्री सिंह न गन्ना मंत्री को कहा कि  स्पष्ट करें कि चीनी मिल के मालिक और सीएमडी को जेल जाने  भेजने के बाद चीनी मिल को पुनः चालू  करने में कितना वक्त लगेगा । एवं श्री सिंह ने कहा कि, किसानों का  बकाया राशि जो चीनी मिल मालिक को देना है  और जो बैंक का लोन गलत तरीके से किसानों के नाम पर  चीनी मिल के मालिक ने उठाया है , सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था करके उन पैसों को फिलहाल उन  परिवारों को उनकी राशि को देने का काम करें और साथ ही साथ इस चीनी मिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक नीति निर्धारण करें ।

और इसकी समय और सीमा दोनों ही निर्धारित हो । 

 साथ ही श्री सिंह ने कहा कि 1930 में रिगा चीनी मिल का स्थापना होने के वक्त एक वाष्प इंजन मिली थी जिसे चीनी मिल मालिक ने दिल्ली के एक म्यूजियम में बेच दिया है जिससे रिगा के जनता में रोष है ,इंजन को किसी भी कीमत पर सीतामढ़ी जिले से बाहर नही ले जाने दूंगा ,सरकार उस इंजन को सीतामढ़ी के किसी पर्यटक स्थल पर लगा कर उसको विकसित करे ताकि आने वाले पीढ़ी को भी ये बात की जानकारी हो कि जब चीनी मिल प्रारम्भ हुआ था तो ये इंजन चीनी मिल को मिली हुई थी ..

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