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जन-समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने में आशाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: डॉ. रत्ना शरण

 


शहरी आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया मल्टी स्किलिंग प्रशिक्षण

दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का क्षेत्रीय अपर निदेशक ने किया शुभारंभ

सारण व सीवान जिले के आशा कार्यकर्ताओं को दी गयी ट्रेनिंग


छपरा,25 फरवरी । राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत सारण एवं सिवान जिले के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के शहरी आशा कार्यकर्ताओं के लिए दो दिवसीय हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर पर मल्टी स्किलिंग आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवांऐं, सारण डॉ. रत्ना शरण ने की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत सभी शहरी आशा कार्यकर्ता द्वारा अपने पोषक क्षेत्र में संचारी एवं गैर संचारी रोग के बारे में जानकारी, पहचान करना, उसे अपने नजदीकी शहरी प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र पर सभी आवश्यक जाँच कराना तथा जाँच के पश्चात अगर पोषक क्षेत्र में गैर संचारी रोग मिलते हैं तो उससे संबंधित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर पर गैर संचारी रोग ग्रसित मरीज को दवा तथा समय-समय पर आवश्यक जाँच कराया जाना है। डॉ. रत्ना शरण ने कहा कि शहरी आशा कार्यक्रर्ता की राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत चलाये जा रहे सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहभागिता अपेक्षित है| साथ हीं सरकार द्वारा दिये गये स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्य की प्राप्ति शत-प्रतिशत करना है ।


टीबी के मरीजों की पहचान कर स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजें:

आरएडी डॉ. रत्ना शरण ने कहा कि यक्ष्मा (टी0बी0) बीमारी एवं सामान्य लक्षण जिससे यक्ष्मा की  पहचान आशा कार्यक्रर्ता के द्वारा किया जाय एवं उस मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में लाकर यक्ष्मा की  जाँच करायी  जाय। उस व्यक्ति को यक्ष्मा की बीमारी होने पर डाट्स के तहत दवा खिलाया जाय। जिसमें शहरी आशा कार्यकर्ता की भूमिका डाट्स सेवा प्रदाता के रूप में होगी। इसके लिए शहरी आशा कार्यकर्ता को प्रति यक्ष्मा रोगी को कोर्स कैट वन दवा खिलाने के बाद देय राशि 1000/- रुपये है तथा कैट टू दवा खिलाने के बाद देय राशि 1500/- तथा कैट फॉर की दवा खिलाने के पश्चात देय राशि 5000/- रुपये यक्ष्मा कार्यक्रम के लिए दिया जाता है। 


आशा कार्यकर्ताओ के दायित्वों पर हुई चर्चा:

केयर इंडिया के राज्य प्रतिनिधि राजेश कुमार ने सभी शहरी आशा कार्यकर्ता को उनके कार्य एवं दायित्व के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने  परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की  जिसमें परिवार नियोजन हेतु स्थायी एवं अस्थायी साधन के बारे में बताया। जिसमें लाभार्थी, सेवाप्रदाता एवं उत्प्रेरक को देय राशि के बारे में बताया गया व  परिवार नियोजन अधिक से अधिक प्राप्त करने के लिए कहा गया। उनके द्वारा महिला आरोग्य समिति के गठन एवं कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।


30 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों का आशा बनाएंगी फैमिली  फोल्डर:

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन सिंह  ने  सभी शहरी आशा कार्यकर्ताओं को फैमिली  फोल्डर के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस सम्बंध में बताया गया कि सभी शहरी आशा द्वारा अपने क्षेत्र में सभी परिवार का  सी-बैक फार्म  भरा जायेगा और उसकी स्क्रीनिंग  की जायेगी। अगर उस व्यक्ति पुरुष/महिला को कोई भी गैर संचारी रोग मिलता है तो उसका इलाज एवं दवा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से प्राप्त किया जाएगा । शादाँ रहमान, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा बताया गया कि एक सीबैक फार्म  भरे जाने पर आशा को 10 रुपया प्रोत्साहन राशि देय होगा। गैर संचारी रोगियों को प्रत्येक छः माह पर फालोअप स्वास्थ्य जाँच कराने हेतु 50 रुपया प्रोत्साहन राशि शहरी आशा कार्यकर्ता को देय है। उक्त प्रशिक्षण में शादाँ रहमान, प्रभारी क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक, मनोज कुमार, प्रभारी क्षेत्रीय लेखा प्रबंधक एवं संतोष कुमार सिंह, प्रमंडलीय आशा समन्वयक, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, सारण प्रमंडल, छपरा, राजेश कुमार, केयर इंडिया,  विजय विक्रम, जापाइगो उपस्थित थे।

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