Breaking News

मुख्यमंत्री करेंगे पूर्णिया के खुट्टी हसैली एपीएचसी में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा का ऑनलाइन शुभारंभ

 



-ज़िला मुख्यालय से दूर या सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से मिलेगी सुविधाएं

-साधनविहीन रोगियों के लिए वरदान साबित होगा

-प्रशिक्षित एएनएम के माध्यम से चिकित्सकों के द्वारा किया जाएगा उपचार


पूर्णिया, 20 फ़रवरी 


राज्य सरकार, चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकी व्यवस्था को लेकर कार्य करने में लगी हुई हैं। विज्ञान प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवायें मिलनी शुरू होने वाली हैं। ज़िले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब ससमय बेहतर व विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा ई-टेलीमेडिसिन के माध्यम से इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर तरह की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए राज्य सरकार के द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में हब एंड स्कोप प्रणाली से टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। स्वास्थ्य व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के तहत टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर में पदस्थापित चिकित्सकों, एएनएम व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका हैं। सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया ज़िले के श्रीनगर प्रखण्ड के खुट्टी हसैली गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेन्द्र में टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जाएगा। टेलीमेडिसिन प्रणाली के तहत मरीज अपनी समस्याओं से चिकित्सकों को अवगत कराते हुए आसानी से परामर्श ले सकते हैं।



सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में  मरीजों को सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से मिलेगी सुविधाएं: सीएस


सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया ज़िला मुख्यालय से दूर जहां आवागमन की सुगम व्यवस्था नहीं है  वहां पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को काफ़ी परेशानी होती है। ऐसे मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं देने के लिए क्षेत्र में यह एक ऐसी सुविधा है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकती है। इसके तहत चिकित्सकीय शिक्षा, प्रशिक्षण और इसका प्रबंधन तक को शामिल किया गया हैं। स्वास्थ्य से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों से मरीज टेलीफोन के द्वारा चिकित्सा से संबंधित परामर्श ले सकता  है । इलेक्ट्रॉ्निक तरीके से मरीज चिकित्सकीय जानकारी भेज सकते हैं और वीडियो कॉन्फ्रें सिंग के साथ हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर की मदद से उसी समय विषम परिस्थितियों में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


साधन विहीन रोगियों के लिए वरदान साबित होगा: डीपीएम


डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया यह सेवा उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो साधन, समय एवं पैसे के अभाव में बड़े-बड़े स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श  लेने में असमर्थ रहते हैं । साथ ही यह सेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सकों को मरीज के संबंध में द्वितीय परामर्श लेने में मदद भी करेगी। टेलीमेडिसिन सेवा के शुभारंभ के साथ ही अश्विन पोर्टल, वंडर एप, एम्बुलेंस पोर्टल का भी शुभारंभ होना हैं। टेलिमेडिसिन सेवा के शुभाम्भ को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन को आवश्यक तैयारी को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया था| 


प्रशिक्षित एएनएम के माध्यम से चिकित्सकों के द्वारा किया जाएगा उपचार: डीएमएनई


डीएमएनई दीपक कुमार विभाकर ने बताया ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन क्रियान्वयन के तहत एक हब और स्पॉक्स की प्रतिनियुक्ति की गई हैं। सबसे पहले मरीज के द्वारा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित एएनएम के पास कॉल किया जायेग। उसके बाद बीमार मरीज से बातचीत के आधार पर मिली समस्या को एएनएम के द्वारा चिकित्सक के पास भेजा जाएगा। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक टेलीमेडिसिन के माध्यम से मरीजों को सलाह देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके लिए चयनित प्रखण्ड से टीम में एएनएम का चयन किया गया है, जिन्हें ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन से संबंधित ट्रेनिंग मिल चुकी है ।

कोई टिप्पणी नहीं

बिहार खबर वेबसाइट पर कॉमेंट करने के लिए धन्यवाद।