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Bihar: लखनिया कैंप के पास शावक संग दिखी दूसरी बाघिन, 3 लोगों को मारने वाली बाघिन की तलाश कर रहे वनकर्मियों की बढ़ी परेशानी

 


वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना(वीटीआर) के मानपुर जंगल के समीप तीन लोगों की जान लेने वाली बाघिन की तलाश में जुटी टीम की परेशानी बढ़ गई है। दो दिन पूर्व बाघिन के पगमार्क लखनिया एनटी पोचिंग कैंप के समीप मिले थे। टीम उधर छानबीन कर रही थी। लेकिन मंगलवार की सुबह लखनिया एनटी पोचिंग कैंप के समीप दूसरी बाघिन व उसके शावक के पगमार्क मिले हैं।

वन विभाग की टीम इस बाघिन व उसके शावक की निगरानी में भी जुट गयी है। अब दो-दो बाघिनों की निगरानी करने में विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। लखनिया एनटी पोचिंग कैंप से कई गांव नजदीक में है। ऐसे में वन विभाग के अधिकारी व कर्मी बाघिन व उसके शावक पर नजर रख रहे हैं कि वह जंगल से निकलकर खेत या गांव की तरफ नहीं जाए। वीटीआर के निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि एनटी पोचिंग कैंप के समीप जंगली रास्ते में मंगलवार की सुबह बाघिन व उसके शावक के पगमार्क मिले हैं। टाइगर ट्रैकरों को उनकी निगरानी में लगाया गया है। खैरटिया गांव के समीप बाघिन को पकड़ने के लिए भी पिंजरा लगाया गया है।

दंपति समेत तीन की जान लेनेवाली बाघिन जंगल में गायब
सहोदरा के सूर्यपुर परसौनी में पांच दिन पूर्व दंपति अकलू महतो व रूखी देवी व इसके पूर्व एक और महिला की जान लेनेवाली बाघिन जंगल में गायब हो गयी है। जिससे वीटीआर के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गयी है। वीटीआर के निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि बाघिन की तलाश वन विभाग के साथ पटना से आयी विशेषज्ञों की टीम लगी हुई है। इलाका जंगली व झाड़ियों वाला है। जिसके चलते ड्रोन कैमरे से भी नजर रखने में सफलता नहीं मिल पा रही है। मंगुराहा, रघिया व गोवर्धना रेंज के अधिकारी व टाइगर ट्रैकर बाघिन की तलाश में जुटे हैं। वे खुद डीएफओ अम्बरीश कुमार मल्ल के साथ शुक्रवार से ही मानपुर जंगल में बाघिन को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा कर रहे हैं।

बाघिन सोमवार को वापस गन्ने के खेत में आ गयी थी। लेकिन मंगलवार को बाघिन का पता नहीं चल पा रहा है। गन्ने के खेत में ड्रोन का कैमरा काम नहीं कर पा रहा है, वन विभाग के दर्जनों कर्मियों को गन्ने के खेत के पास तैनात किया गया है। वहां पर भी पहले से बाघिन को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगा बकरी को रखा गया है। सोमवार की देर शाम वहां बकरी की आवाज सुनकर एक तेन्दुआ पहुंचा था। लेकिन तेन्दुआ वहां से वापस चला गया। विदित हो कि बाघिन ने 12 फरवरी की रात आठ बजे सूर्यपुर परसौनी में जंगल से सटे खेत की निगरानी करने के लिए झोपड़ी में सोये अकलू महतो व रुखी देवी को मार दिया था, जबकि उन्हें बचाने के लिए बगल के खेत में मौजूद सोखा मांझी गए तो उन्हें भी बाघिन ने घायल कर दिया था। महज इसके तीन दिन पहले मंगुराहा रेंज के हरकटवा गांव में छत्रकुमारी देवी को इस बाघिन ने ही मार डाला था। पगमार्क से दोनों घटनाओं में एक ही बाघिन के शामिल होने की पुष्टी हुई थी। 

बाघिन को खोजने के लिए लगाए जा रहे है दर्जनों कैमरा ट्रैप
तीन लोगों की जान लेने वाली बाघिन की तलाश में ड्रोन कैमरा से सफलता नहीं मिली। अब वीटीआर प्रशासन ने सोमवार की देर शाम से कैमरा ट्रैप लगाने का काम शुरू कर दिया है। व्याघ्र परियोजना के निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि सूर्यपुर परसौनी गांव के समीप जंगल से मानपुर वन कार्यालय के पीछे व गम्हरिया के समीप पड़रिया जंगल तक कैमरा ट्रैप लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। कैमरा ट्रैप में बाघिन की तस्वीर कैद होगी। उसके शरीर के धारियों के मिलान से यह पता चल जाएगा कि वह टी-3 बाघिन है या कोई और। टी-3 की पहचान होने पर उसके जाने की दिशा में क्विक रिस्पॉश टीम जाएगी। बाघिन के मिलने पर उसे ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोशी की दवा दे पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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