HAPPY NEW YEAR 2021

HAPPY NEW YEAR 2021

Breaking News

शहरी गरीबों को सस्ते घरों का न्यू ईयर गिफ्ट, पीएम मोदी बोले- पहले आवास योजनाओं को नहीं मिली अहमियत



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (जीएचटीसी इंडिया) के तहत 6 राज्यों को लाइट हाउस प्रोजेक्ट का तोहफा दिया है. पीएम मोदी के ये कार्यक्रम शहरी भारत की रूप रेखा बदलने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक देश के सभी बेघर परिवारों को पक्का आवास मुहैया कराने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अहम कदम उठाया है. इस दिशा में पीएम मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाइट हाउस प्रोजेक्ट का उदघाटन किया. नए साल में यह प्रधानमंत्री मोदी का पहला कार्यक्रम है.

पीएम मोदी का ये कार्यक्रम शहरी भारत में लोगों को आवास मुहैया कराने में अहम साबित होंगे. इस प्रोजेक्ट के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड और तमिलनाडु में गरीब लोगों को सरकार सस्ते, भूकंप रोधी और मजबूत मकान मुहैया कराएगी.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा आज मध्यम वर्ग के लिए घर बनाने के लिए देश को नई तकनीक मिल रही है. ये 6 लाइट हाउस प्रोजेक्ट देश को आवास निर्माण की दिशा में राह दिखाएंगे. पीएम ने कहा कि ये को ऑपरेटिव फेडरलिज्म की मिसाल है.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि  ये लाइट हाउट प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक से बनेंगे. ये ज्यादा मजबूत होंगे और गरीबों को सुविधाजनक और आरामदायक घर मिलेगा. 

पीएम ने कहा था कि एक समय था जब निर्माण सरकार की प्राथमिकता में नहीं था, लेकिन इसे बदला गया. पीएम ने कहा कि आवास निर्माण को भी स्टार्ट अप की तरह चुस्त दुरूस्त रहेंगे.  

क्या है लाइट हाउस प्रोजेक्ट?

लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए जिन राज्यों को चुना गया है उनमें त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, झारखंड और गुजरात हैं. लाइट हाउस प्रोजेक्ट केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत लोगों को स्थानीय जलवायु और इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए टिकाऊ आवास प्रदान किए जाते हैं. 

इस प्रोजेक्ट में खास तकनीक का इस्तेमाल कर सस्ते और मजबूत मकान बनाए जाते हैं. इस प्रोजेक्ट में फैक्टरी से ही बीम-कॉलम और पैनल तैयार कर घर बनाने के स्थान पर लाया जाता है, इसका फायदा ये होता है कि निर्माण की अवधि और लागत कम हो जाती है. इसलिए प्रोजेक्ट में खर्च कम आता है. इस प्रोजेक्ट के तहत बने मकान पूरी तरह से भूकंपरोधी होंगे.   

कोई टिप्पणी नहीं

बिहार खबर वेबसाइट पर कॉमेंट करने के लिए धन्यवाद।