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बॉलीवुड डायरेक्‍टर धीरज कुमार ने मालिनी अ‍वस्‍थी को लेकर बना छठ गीत

 


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उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय महापर्व छठ को अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच पुलिकित सम्राट को लेकर फ़िल्म ‘सुस्वागतम् ख़ुशामदीद’ बना रहे मशहूर निर्देशक धीरज कुमार ने एक भोजपुरी छठ गीत ‘आजा बबुआ’ बनाया है। इस गाने में उन्‍हें भोजपुरी की चर्चित लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी का साथ मिला है। धीरज के इस गाने को मालिनी अवस्थी ने अपने खूबसूरत आवाज में गाकर गाने में चार चांद लगा दिया है। आपको बता दें कि धीरज पटना के रहने वाले हैं, इसलिए उनकी छठ पूजा को लेकर आस्‍था भी बेहद है। उन्‍होंने इस गाने को टी सीरीज से रिलीज किया है। इससे पहले वे थ्री इडियट फेम अभिनेता शरमन जोशी को लेकर फिल्‍म ‘काशी इन सर्च ऑफ गंगा’ बना चुके हैं।


उन्‍होंने अपने पहले भोजपुरी गाना आजा बबुआ को उन लाखों मां के जज्‍बात को समर्पित किया है, जिनके छठ पूजा के दिन अपने घर को नहीं आ पाते हैं। इस पीड़ा को धीरज ने खुद भी महसूस किया है। धीरज ने इस गाने को अपने लिए तो खास बताया ही और मालिनी अवस्‍थी की तारीफ भी खूब की। उन्‍होंने कहा कि इस गीत के साथ जो न्याय मालिनी ने किया, वो शायद ही कोई और कर पाता। इस गीत को t-series ने रिलीज़ किया है। गाने में म्यूज़िक अभिषेक अमोल ने दिया है और इसके बोल मनीष किशोर ने लिखें हैं। गाने की मुख्य भूमिका में पुष्कर तिवारी हैं। धीरज का कहना है कि वो हर साल छठ में घर जाते हैं। अगर किसी साल वो घर नहीं पंहुच पाते तो उन्हें एक अजीब से बेचैनी रहती है। शायद ऐसी ही बेचैनी उनकी माँ को भी होती थी। ये गीत हर मां का दर्द बयान करता है, जिनके बच्चे पर्व त्योहार में घर नहीं आते।



अपने आप में छठ की अलग तस्वीर दिखाने वाले इस गीत को बनाने का सपना धीरज कई सालों से देख रहे थे, लेकिन इस साल वे इसका निर्माण और निर्देशन करने में कामयाब हुए। पटना के निवासी धीरज कुमार हिंदी फ़िल्मी जगत में एक जान माना नाम है, उनकी आगामी फ़िल्म सुस्वागतम् ख़ुशामदीद जल्द ही फ़्लोर पे जा रही है, जिसमें पुलकित सम्राट मुख्य किरदार में नज़र आएंगे। इस फ़िल्म की शूटिंग दिसम्बर के महीने में शुरू होने जा रही है। इसके अलावा धीरज की दो और फ़िल्में 2021 में शुरू होने वाली है। हिंदी फ़िल्मों में अपने बिजी शेड्यूल से वक़्त निकलकर उन्होंने ये गीत बनाया।  क्यूँकि वो बिहार के लिए कुछ अलग करना चाहते हैं, वो चाहते हैं की भोजपुरी को और बिहार के अन्य भाषाओं को सिनमा जगत में एक अलग पहचान मिले। भोजपुरी इंडस्ट्री को वो एक नए मुक़ाम पे ले के जाएं। धीरज चाहते हैं  कि वो अब हर साल छठ के एक गीत का निर्माण करें।

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