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तीन मूल मंत्र से होगा कोरोना का अंत: सिविल सर्जन

 


• पर्व-त्यौहारों का समय शुरू


• भीड़-भाड़ से बचते हुए कदम-कदम पर सावधानी जरूरी


• 2 गज की दूरी, मास्क है जरूरी


छपरा। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के प्रसार के रोकथाम के लिए स्वास्थ विभाग कृत संकल्पित है। जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आशा  कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी दे रही हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तीन मूल मंत्र तैयार किया है जिसके तहत कोरोना का अंत किया जा सकेगा। सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने कहा कि जहां तक हो सके पर्व-त्यौहारों में भीड़-भाड़ से हर किसी को बचना चाहिए। कोरोना संक्रमण से बचे रहने के लिए तीन मूल मंत्र का हर किसी को पालन करना चाहिए। मास्क का नियमित उपयोग, नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोते रहना और दो गज की शारीरिक दूरी का अनुपालन बहुत जरूरी है। समुदाय की जागरूकता ही कोरोना संक्रमण को मात दे सकती है। 



कदम-कदम पर सावधानी जरूरी:

आज हर कोई यह समझ चुका है कि कोरोना संक्रमण के प्रति सतर्कता ही इसका समाधान है। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविंद कुमार ने कहा कि अभी जिले में बेहतर रिकवरी दर के साथ-साथ संक्रमण दर में कमी आई है। यह उत्साहवर्धक है, लेकिन किसी भी स्तर पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। अभी पर्व-त्यौहारों का समय शुरू हो गया है, ऐसे में कदम-कदम पर सावधानी जरूरी है। दूसरी बात यह कि मौसम बदल रहा है। इसलिए विशेष रूप से सतर्कता बरतने की जरूरत है। 




बुजुर्ग व बीमार व्यक्तियो की विशेष देखभाल की जरूरत :

बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए जाड़ा तकलीफदेह समय होता है। ठंड का समय बुजुर्ग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दमा और हृदय रोगियों के लिए जोखिम भरा होता है। बीमार होने के कारण इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा इनमें अधिक होता है। इनके लिए बेहतर है कि ये घर में ही रहें। सामान्य व्यक्तियों के लिए भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। 


योग-व्यायाम और पौष्टिक आहार जरूरी :

कोरोना संक्रमण से बचे रहने के लिए योग-व्यायाम और पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है। शरीर को निरोग रखने में योग-व्यायाम का बहुत महत्व है। जाड़े में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में हल्दी दूध, तुलसी पत्ता, दालचीनी, अदरक, लौंग और गर्म पानी का सेवन बहुत लाभदायक होता है। इसके साथ ही प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसे योगासन बुजुर्ग व्यक्ति घर पर रहकर भी कर सकते हैं। 


ये तीन मूल मंत्र:

• शारिरिक दूरी का पालन

• मास्क का प्रयोग

•हाथों की नियमित धुलाई



इन जरूरी बातों को अपनाकर करें कोरोना पर वार: 


व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.

बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.

साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.

उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.

घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.

बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की  दूरी बनाए रखें.

आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.

मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें 

किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों

कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें 

बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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