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गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत एएनएम को मिला प्रशिक्षण



सभी प्रखंडों के एएनएम को दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण


राज्य स्वास्थ्य समिति के टीम के द्वारा दिया गया प्रशिक्षण


गैर संचारी रोगियों की स्क्रीनिंग कर ऑनलाइन अपलोड होता है डाटा


सिवान। गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को लेकर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों की एएनएम का राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। टाटा ट्रस्ट के ट्रेनर जेवियर कुमार व ज्योत्सना तिवारी के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। जिला अनुश्रवण सह मूल्यांकन पदाधिकारी शम्स तबरेज आलम ने बताया गैर संचारी रोगों की पहचान के बारे में इस प्रशिक्षण से एएनएम को कार्य करने में सहूलियत मिलेगी। इससे बीमार लोगों को भी समय से इलाज मुहैया कराया जा सकेगा। प्रशिक्षकों ने गैर संचारी रोगों की पहचान कैसे करें, समुदाय में कैसे कार्य करें आदि को लेकर विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा गैर संचारी रोगों, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर आदि की पहचान कर इलाज करने के साथ ही समाज में इन बीमारियों को लेकर लोगों को जागरूक भी करना है।  


पेपरलेस कार्य कर रही है एएनएम:


हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत एएनएम भी अब पेपर लेस कार्य कर रही है। एएनएम को भी तकनीक से लैस किया गया है। एएनएम को एनसीडी(गैर संचारी रोग) एप के बारे में विस्तार से बताया गया है। अगर परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, यक्ष्मा (टीबी) या कैंसर हुआ है, तो उस घर के युवकों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। प्रशिक्षित आशा को एक सी-बैक फॉर्मेट दिया जाता है, जिसे वह भरती है।


हर जानकारी टेबलेट में दर्ज:


ब्लड प्रेशर, शुगर तथा कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों पर एक फैमिली फोल्डर बनेगी। जन आरोग्य प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों में उसके पोषक क्षेत्र के परिवारों की फैमिली फोल्डर तैयार की जाएगी और रखा जायेगा।


आशा बनाती है फ़ैमिली हेल्थ फोल्डर:


समुदाय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर क्षेत्र के सभी लोगों का सर्वेक्षण किया जाता है। सभी परिवारों के लिए फेमिली हेल्थ फोल्डर विकसित किया जाता है, जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी स्त्री-पुरुष का सीबैक (कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट) फार्म के जरिए गैर संचारी रोगों हेतु रिस्क असेसमेंट किया जाता है।

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