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आरोग्य दिवस पर कार्यरत एएनएम को मिला डीएमटी आउटरिच मॉड्यूल का प्रशिक्षण



गड़खा में प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन


प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व केयर इंडिया पदाधिकारियों ने दिया प्रशिक्षण


एनीमिया की रोकथाम के लिए दिया गया प्रशिक्षण



छपरा। जिले के गड़खा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अमानत ज्योति योजना के तहत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें आउटरीच में कार्यरत एएनएम को मॉड्यूल 2 का प्रशिक्षण दिया गया । प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सरवजीत कुमार ने प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। जिसमें केयर इंडिया की परिवार नियोजन समन्वयक प्रेमा कुमारी, बीएम प्रशांत कुमार सिंह, अमानत कार्यक्रम के एनएमएस परमजीत के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सरवजीत कुमार ने कहा कि  इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया के बारे में जागरूकता फैलाना है। इसके लिए प्रशिक्षित नर्सों को आईईसी मेटेरियल भी दिया गया है। महिलाओं में प्रसव के समय एनीमिक रहने की जानकारी रहने पर एएनएम बेहतर परामर्श और देखभाल कर सकती हैं । मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक राकेश कुमार सिंह, अफजल, समीर सुनिल, नीतेश, एएनएम सरोज कुमारी, रत्ना कुमारी समेत अन्य मौजूद थे। 


आरोग्य दिवस पर दी जानेवाली सेवाओं की बढ़ेगी गुणवत्ता:

केयर इंडिया परिवार नियोजन समन्वयक प्रेमा कुमारी ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वीएचएसएनडी का आयोजन किया जाता है। जिसमें आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से प्रसव पूर्व जाँच एवं बच्चों के टीकाकरण के अलावा नवजात की देखभाल एवं परिवार नियोजन पर परामर्श भी दी जाती है । उन्होंने कहा आरोग्य दिवस पर प्रदान की जाने वाली सभी सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है। गर्भावस्था से लेकर शिशु के दो वर्ष की आयु तक का समय महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान माता के बेहतर पोषण के साथ प्रसव पूर्व जाँच भी जरूरी होती है। इसलिए सभी एएनएम की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र में शत-प्रतिशत गर्भवती माताओं की प्रसव पूर्व जाँच को सुनिश्चित करें। 


आरोग्य दिवस पर उपलब्ध है सेवाएं:

केयर इंडिया के बीएम प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि  आरोग्य दिवस की सहायता से सामुदायिक स्तर पर प्रसव पूर्व जाँच एवं टीकाकरण की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो पा रही है।  इसमें आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है। स्वास्थ्य विभाग भी इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के क्षमता वर्धन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए निश्चित अंतराल पर इस तरह के प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है। सरकार द्वारा मां व बच्चे को बेहतर देखभाल प्रदान कराने के लिए जननी शिशु सुरक्षा योजना की शुरुआत की गयी है। इस कार्यक्रम के तहत शिशु को विशेष सुविधा प्रदान की गयी है। एक साल तक बीमार बच्चों को घर से अस्पताल तक निःशुल्क एम्बुलेंस की सुविधा भी प्रदान की गयी है।

क्या है अमानत ज्योति कार्यक्रम :

यह कार्यक्रम मातृ एवं नवजात की मृत्यु दर को कम करने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत चिकित्सकों एवं नर्सों को सुरक्षित प्रसव कराने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी लायी जा सके।


यह होगा फायदा:

महिलाओं में एनीमिया के खतरे के कारणों की पहचान एवं उपचार में गुणात्मक सुधार होगा

साथ ही गर्भवती महिलाओं का नर्स एवं अस्पताल कर्मियों पर विश्वास बढ़ेगा

अमानत ज्योति कार्यक्रम से अस्पताल की चिकित्सा गुणवत्ता में सुधार होगा

इससे अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था का सर्वांगीण विकास होगा


कोरोना काल में  इन उचित व्यवहारों का करें पालन 

- एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।

- सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।

- अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।

- आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।

- छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

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