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पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की हुई शुरुआत, सीएस ने नौनिहालों को पिलाई "दो बूंद जिंदगी की"

 


• 6 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

• कोविड-19 से बचाव के लिए जारी प्रोटोकॉल का होगा पालन


• जिला व प्रखंड स्तर पर होगी अभियान की मॉनिटरिंग


छपरा। जिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुभारंभ रविवार को की गई। सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर सीएस ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान के दौरान शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी जाएगी। इसमें कोई बच्चा छूटने न पाए, क्योंकि पोलियो की बीमारी बेहद गंभीर है। इस पर नियंत्रण सिर्फ पोलियो की ड्रॉप्स पिलाकर ही पाया जा सकता है। इसलिए, समाज के हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को पोलियो की खुराक हर हाल में पिलाएं। इसमें टीम घर-घर जाकर लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएगी। टीम को अभियान का लक्ष्य निर्धारित दिवसों के भीतर पूरा करना होगा। इस मौके पर  जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा,  अस्पताल उपाधीक्षक  राम इकबाल प्रसाद,  जिला स्वास्थ समिति के डीपीएम अरविंद कुमार,  डीसीएम बृजेंद्र कुमार सिंह,  डीपीसी रमेश चंद्र कुमार,  डब्ल्यूएचओ के सीएमओ डॉ रंजितेश कुमार, यूनिसेफ के के एसएमसी  आरती त्रिपाठी,  डीएमएन्डई भानु शर्मा, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद समेत अन्य मौजूद थे।   


अपने बच्चों को जरूर पिलाई पोलियो की खुराक: 


इस मौके पर  जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने आम जनों से अपील करते हुए कहा कि इस खतरनाक बीमारी से बच्चों को बचाने का एकमात्र उपाय है कि पोलियो रोधी दवा की दो बूंदें बच्चों को अवश्य पिलाई जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि जीरो से पांच वर्ष तक की आयु के हर बच्चे को पोलियो से बचाव की दवा पिलवाना सुनिश्चित करें। पोलियो एक जानलेवा बीमारी भी है। इसको समाप्त करने में आम आदमी का कर्तव्य है कि वह स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करे।



6 लाख से अधिक बच्चों को दी जाएगी पोलियो की खुराक  :


यूनिसेफ के जिला समन्वयक आरती त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 6 लाख 2 हजार 478 बच्चो  को पोलियो की खुराक घर-घर जाकर पिलाई जाएगी इसके लिए टीम का गठन कर लिया गया है। जिले में कुल 6 लाख 42 हजार 234 घरों को लक्षित किया गया है। सभी टीम को निर्देश दिया गया है कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें।


ये टीम करेंगी काम:


डोर टू डोर: 1471

ट्रांजिट टीम: 298

मोबाइल टीम: 43

सुपरवाइजर: 545

लक्षित घर: 642234

लक्षित बच्चे: 602478


इन स्थानों पर रहेगी विशेष नजर:


डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ रंजितेश कुमार  ने बताया कि अभियान के दौरान दूरदराज के क्षेत्र ईट भट्ठा प्रवासी एवं भ्रमण शील आबादी वाले क्षेत्र पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा । यहां के बच्चे पोलियो की खुराक लेने से वंचित ना रहे इसके लिए विशेष निगरानी दल गठित किया जाएगा। 



कोविड-19 से बचाव के लिए जारी प्रोटोकॉल का करना होगा पालन:


 पोलियो अभियान के दौरान सभी टीकाकर्मी दल को आवश्यक मात्रा में मास्क, ग्लब्स एवं सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया है। अभियान के दौरान सभी कर्मियों को कोविड-19 से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना आवश्यक है। सभी कर्मियों को मास्क का प्रयोग, ग्लब्स, सैनिटाइजर का प्रयोग करने के लिए दिशा निर्देश दिया गया है।

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