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तनाव हमारे इम्यून सिस्टम और हृदय को पहुंचा सकता है नुकसान: डॉ नीतू

 


तनाव होने पर हमेशा चीजों को सकारात्मक तरीके से देखने की कोशिश करें

आपको हालात नहीं बल्कि खुद को बदलने की जरुरत

तनाव से बचने के लिए इच्छानुसार कार्यों को करें

एक दूसरे से करें बातचीत, मनपसंद की किताबें पढ़ें


 

छपरा। वैश्विक महामारी कोरोना संकट काल के बीच तनाव होना सामान्य बात है। ये तब महसूस होता है जब किसी स्थिति से निपटना मुश्किल हो जाता है। हाल के दिनों में यह लोगों को काफी तनाव देखने को मिला है। टेंशन होने पर एड्रेनालाईन हमारे पूरे शरीर में दौड़ने लगता है।  उक्त बातें जयप्रकाश महिला महाविद्यालय के मनोविज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ कुमारी नीतू सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि तनाव के दौरान दिल की धड़कन बढ़ जाती है और मानसिक और शारीरिक चेतना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। हमें पसीना आता है, सनसनी महसूस होती है। थोड़ी देर के लिए जीवन में उतार-चढ़ाव आना बहुत आम बात है लेकिन अगर ये लंबे वक्त तक बनी रहे जो ये जिंदगी से जुड़ी बाकी चीजों को भी खराब कर सकती है। वैसे भी तनाव इसलिए कभी नहीं होता क्योंकि आप कमजोर हैं बल्कि हमेशा इसलिए होता है कि आप उसकी मौजूदगी होने के बाद भी टेंशन को रहने दे रहे हैं और उसका विरोध नहीं कर रहे हैं।  तनाव होने पर हमेशा चीजों को सकारात्मक तरीके से देखने की कोशिश करनी चाहिए। कुछ मामलों में हो सकता है कि आपको फ्रेश स्टार्ट की भी जरुरत पड़े। लेकिन अगर आप लगातार नौकरियां, पार्टनर या घर बदल रहे हैं तो ऐसे हालात में आपको हालात नहीं बल्कि खुद को बदलने की जरुरत है। 



बार बार होने वाले तनाव के प्रभाव:

 

डॉ कुमारी नीतू सिंह ने कहा कि यदि आप बार-बार जोर देते हैं तो आपका शरीर उच्चतम तनाव की स्थिति में अधिकतर समय हो सकता है और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर तनाव  आपके शरीर में लगभग हर प्रणाली में बाधित होता है। यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा सकता है, अपने पाचन और प्रजनन तंत्र को परेशान कर सकता है। दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है, और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। यह मस्तिष्क को फिर से ला सकता है, जिससे आप चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। 


तनाव से नुकसान:

हमारा इम्यून सिस्टम और हृदय को नुकसान पहुंच सकता है।

गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 

उम्र कम हो जाती है। 


टेंशन से पहले होने वाले सामान्य लक्षण 

सामान्य से ज्यादा या कम भोजन करना। 

तेजी से मूड बदलना। 

आत्मसम्मान में कमी आना। 

हर वक्त टेंशन या बेचैनी महसूस करना। 

ज्यादा या कम सोना। 

कमजोर याददाश्त या भूलने की समस्या। 

जरुरत से ज्यादा शराब या ड्रग्स लेना। 

जरुरत से ज्यादा थकान या ऊर्जा में कमी होना। 

परिवार और दोस्तों से दूर-दूर रहना। 

चरित्र से दूर हो जाना। 

ध्यान केंद्रित न करना और काम में संघर्ष करना। 

उन चीजों में भी मन न लगना जो पहले आपको पसंद थीं। 

इसके अलावा टेंशन के कुछ शारीरिक लक्षण भी हो सकते हैं जिनमें सिरदर्द, कब्ज या किसी खास अंग या शरीर में दर्द होना शामिल है।

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