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सड़क पर गड्ढे हैं या फिर गड्डे में सड़के, लाल बालू का काला धंधा

 


# दिघवारा- भेल्दी व गड़खा पैगंबरपुर रोड पर स्कार्पियों भी घुड़सवारी का दे रहा है आनंद 

दरियापुर(सारण)

सारण जिला में बाढ़  शीतलपुर -परसा पथ,दिघवारा-भेल्दी मार्ग व गड़खा-पैगम्बरपुर मार्ग जलप्रवाह व कटाव से बचा तो लाल बालू से  ओवर लोड ट्रकों, टैक्टरों ने गड्ढे में तब्दील कर दी । बहरहाल, कब कोई बड़ा हादसा हो जाए और कब ये सड़के बंद हो जाए? कहना जल्द बाजी होगी।

 *सिवान मलमलिया मशरक रोड भी  बाढ़ से ध्वस्त* बड़ी वाहनों के लिए गोपालगंज - सिवान- मशरक -परसा- शीतलपुर मार्ग तो बंद हैं, शीतलपुर- परसा मार्ग भी धीरे-धीरे गड्ढे बनते जा रहे हैं । छपरा- रेवा एनएच 103  बंद है। अब ऐसी स्थिति में जिला व प्रदेश मुख्यालय को जोड़ने वाले दिघवारा-भेल्दी और गड़खा- मानपुर एसएच की बदहाली का आलम यह है कि अब बाइक से भी चलना खतरनाक बन गया है। बालू वाहक ट्रकों व ट्रैक्टरों ने गड़खा- पैगंबरपुर व मानपुर मार्ग के आधा दर्जन स्थलों पर सड़क दो फीट से तीन फिट तक गड्ढे, कहीं कहीं दलदल  बना कर रख दिया है। गड़खा से लेकर बसंत बाजार तक छः छोटे बड़े गड्ढे हैं और रहिमापुर, मठिया, कमालपुर, अदमापुर रानीपुर, मटिहान, भैरोपुर व मानपुर तक आधा दर्जन गड्ढे हैं । 

 *दिघवारा-भेल्दी मार्ग का हालत खास्ता*  दिघवारा से मटिहान तक तो रास्ते करीब करीब ठीक हैं किन्तु दिघवारा से सज्जनपुर, गंगाजल, होते भरहापुर पुल के दोनों ओर एप्रोच कभी भी खतरा उत्पन्न कर सकते हैं । 'वन वे' पथ और बालूवाहक हैवी वेट वाहनों का परिचालन पिच् का स्लीप और फिर गिड्डी को अलकतरा से अलग अलग कर गड्ढे बनाता जा रहा है। खानपुर बाजार के बाद भगवानपुर, धरमबागी तक बाढ़ ने बहा दिया है और मार्ग नहीं गड्ढे हैं । फिर लोहछा पुल के एप्रोच पथ की हालत वही है। बहरहाल, डेरनी,सुतिहार, फीरोजपुर, नारायणपुर होते भेल्दी चौक व अमनौर चौमुहानी तक में भी आधा दर्जन गड्ढे हैं ।

 *फोरलेन तो बालू विपणन केंद्र बन  गए* फोरलेन न सिर्फ वैध अवैध बालू भंडारण स्थल है और अब बालू घाटों पर क्रय विक्रय नहीं होते फोरलेन पर सौदा होता है। दिघवारा एनएच से  हाजीपुर मुजफ्फरपुर, दिघवारा भेल्दी मार्ग से सिवान- गोपालगंज व गड़खा पैगंबरपुर रोड रोड के मानपुर व दिघवारा होकर, नगरा  खोदाईबाग होते सिवान रूट पकड़ लेते हैं, बालू वाहक वाहन।

 *रोक लगाने में विफल* न तो एनएच व फोरलेन पर भंडारण व विक्रय वैधानिक है न एनएच व एसएच पर ओवर लोड भारी वाहनों का । फिर भी बेरोक टोक परिचालन जारी है। जिला खनन विभाग अब तक 50 लाख रुपए कीमत से अधिक मूल्य का बालू जप्त कर चुका है। किंतु डीटीओ, व मोबाइल की कोई कार्रवाई सामने नहीं आयी है। यदि सूत्रों की मानें तो खनन विभाग, मोबाइल व पुलिस विभाग की मर्जी के बिना बालूवाहक  वाहनों का परिचालन, भंडारण व विक्रय संभव है क्या?

दिघवारा सारण जिले से गुजरने वाले दो एन एच को जोड़ने वाले मेजर जिला रोड गरखा मानपुर की स्थिति काफी खराब हो गया है। निर्माणाधिण इस सड़क की ऐसी स्थिति बन गई है कि जहाँ संवेदक एक ओर से सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु आतुर है।वही ओवर लोड वाहन बनी हुई सड़कों को लगातार ध्वस्त कर रहे है।नतीजन अब इस सड़क के पूर्ण निर्माण एवं विभागीय हस्तांतरण प्रक्रिया में काफी वक्त लग सकता है।जिसका खामियाजा संवेदक एवं सड़क से जुड़े जनता को उठाना पर रहा है।

जिले के कई मुख्य  सड़कों के टूटने  एवं सड़को पर बाढ़ के पानी आ जाने के बाद जिले के पूरे ट्रैफिक को गरखा मानपुर सड़क की ओर मोड़ दिया गया है।


जिसके कारण जिले के लाइफ लाइन सड़क  की हालत पतली हो गई है। और  यह रुट भी लग रहा है कभी भी ध्वस्त हो जायेगा।वही इस सड़क के ध्वस्त होने के बाद जिले वाशियो को सूबे के राजधानी व मुज्जफरपुर पहुचना स्वप्न हो सकता है।

ओवर लोड वाहनों के परिचालन से बिगड़ गई नव निर्मित सड़क की स्थिति 

भारी ओवर लोड वाहनों के परिचालन ने इस निर्माणाधीन सड़क की दशा बदल दी है।सड़क में गरखा मानपुर के बीच लगभग आधा दर्जन जगह पर मिट्टी की दलदली सतह जैसा स्थिति बन गया है।जहा गाड़ी का फसना तय है जिससे एम्बुलेंस से लेकर छोटे वाहन तक को गरखा से मनपुरा जाने में चार से पांच घन्टा लग जाता हैं।

दोनो सड़को में कई जगह बन गए है खतरनाक गड्ढे

क्षेत्र के मटिहान अद्मापुर रहीमा पुर बाजार बसन्त बाजार के निकट सड़क धँस गया है।जैसे तैसे उन जगहों से छोटी गाड़िया गुजर रही है।

क्या कहते है राहगीर व ग्रामीण बड़ी ओवर लोड वाहनों के रोक से ही सम्भव है सड़क की सुरक्षा व शफर सामान्य।

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