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आईएएस बनकर गांव लौटी दिव्या का जमकर हुआ स्वागत

 


जलालपुर कोठेयाँ में आयोजित हुआ दिव्या के लिए सम्मान समारोह


आईएएस परीक्षा में पूरे देश में मिला 79 वां रैंक 


छपरा/जलालपुर: आईएएस की परीक्षा पास कर सारण को गौरवान्वित करने वाली जलालपुर कोठेयाँ की दिव्या शक्ति रविवार को जब अपने गांव लौटी तो गांव वालों ने उनका स्वागत किया. जिले के जलालपुर के कोठिया गांव निवासी की डॉ धीरेंद्र कुमार सिंह की पुत्री दिव्य शक्ति ने आईएएस की परीक्षा में देश में 79 वां रैंक लाकर पूरे सारण को गौरवान्वित करने का कार्य किया. जिसके बाद उनके गांव में खुशी का माहौल सा बन गया है. सोमवार को इसकी सूचना मिलने पर जदयू सारण की महिला जिलाध्यक्ष माधवी सिंह उनके आवास पर पहुंची और उन्हें शुभकामनाएं दी. माधवी सिंह ने कहा कि आज गांव की एक बेटी आईएएस बनी है, दिव्या ने पूरे जिले ही नहीं बल्कि पूरे बिहार को गौरवान्वित करने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि बेटी आगे बढ़ेगी तो क्षेत्र का विकास होगा और क्षेत्र का विकास होगा तो पूरे देश का विकास होगा. उन्होंने दिव्य शक्ति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि व प्रशासनिक सेवा में बेहतर योगदान देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करें. इस मौके पर उन्होंने दिव्य शक्ति को शॉल देकर सम्मानित किया


बधाई देने वालों का लगा रहा तांता


आपको बता दें कि बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद आईएएस की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाली दिव्या मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह व मंजुल प्रभा की पुत्री हैं. उन्होंने प्राथमिक शिक्षा मुजफ्फरपुर से और टेन प्लस टू बोकारो डीपीएस से पूरी की उनके पिता बेतिया में पोस्टेड है, इस वजह से दिव्या बेतिया भी रह कर तैयारी करती थी.  दिव्या की सफलता ने बेटियों का हौसला बढ़ाने का कार्य किया है. इससे पहले रविवार की शाम दिव्या के लिए विशेष तौर पर  उनके गांव में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें जिले भर के लोगों पहुंचे और उन्हें शुभकामनाएं दी. इस मौके पर का युवा उनके आवास पर पहुंचे और उनसे जानकारी भी ली. रविवार को देर रात तक दिव्या को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. कार्यक्रम में लोग बुके और गिफ्ट लेकर पहुंच रहे थे. लोगों ने बताया कि एक छोटे से गांव की बेटी जब आईएएस है तो गांव का सीना आज गर्व से चौड़ा हो गया है. दिव्या गांव की हजारों बेटियों के लिए बहुत बड़ी मिशाल हैं.



मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दें महिलाएं: दिव्या


इस मौके पर दिव्या ने कहा कि आज जिस तरह से गांव के लोगों ने मेरा स्वागत किया है, उसके लिए बहुत-बहुत आभार. आईएएस बनने का मेरा सपना शुरू से था उन्होंने कहा कि हम युवा पीढ़ियों को भविष्य ख्याल रखते हुए मेहनत और लगन से पढ़ाई करनी चाहिए साथ ही साथ उन्होंने कहा कि आज हमारे देश की बेटियां देश चलाने में हम योगदान निभा रही हैं. यह बहुत अच्छी बात है, उन्होंने कहा कि वह देश की सेवा करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि आज बेटियां देश चलाने से लेकर हर तरह से अपना योगदान दे रही है. सरकार को जितना हो सके बेटियों को बढ़ावा देना चाहिए और सरकार ने बढ़ावा दिया भी है जिसका परिणाम आज हम सबके सामने है. उन्होंने कहा कि आज अपने गांव में आकर बहुत ही गौरवान्वित महसूस हो रहा है,  गांव वालों के स्वागत करने पर उन्होंने लोगों का आभार व्यक्त किया.

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