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AISF ने छात्र समस्याओं के खिलाफ सारण डीएम के समक्ष किया उग्र प्रदर्शन।

 


*छात्रों एवं पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोक-झोंक के बीच छात्रों ने बिहार सरकार एवं सारण जिला प्रशासन के खिलाफ किया जमकर नारेबाजी।*


छपरा, आज दिनांक 08 सितंबर 2020 को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) सारण जिला इकाई के छात्रों ने संगठन के राज्यव्यापी आह्वान पर मैट्रिक-इंटर नामांकन एवं परीक्षा प्रपत्र भरने में छात्र-छात्राओं, एससी-एसटी छात्रों से अवैध वसूली पर रोक लगाने, शहीदे आजम भगत सिंह की प्रतिमा शहर में स्थापित करने, रेलवे सहित सभी रोजगारपरक साधनों का निजीकरण बंद करने, सभी खाली पदों पर स्थायी बहाली एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं में पारदर्शिता बहाल करने, कोरोना अवधि में सभी परीक्षाएं स्थगित करने और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में प्रमोट करने, 6 माह का स्कूल फी-रूम रेन्ट-बिजली बिल माफ करने और कमजोर संचालकों को सरकार द्वारा आर्थिक मदद देने, सभी बड़े निजी अस्पतालों का अधिग्रहण कर राष्ट्रीयकृत करने एवं उसमें काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सरकारी कर्मी का दर्जा देने, बड़े तबके को शिक्षा से बेदखल करने वाली नई शिक्षा नीति 2020 वापस लेने, राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी छात्राओं एवं sc-st के छात्रों की पीजी तक शिक्षा मुफ्त सुनिश्चित करने, आदि सवालों को लेकर सारण डीएम के समक्ष उग्र प्रदर्शन किया।

इससे पहले छात्रों का एक जत्था नगरपालिका मैदान से निकला जो शहर के मुख्य चौक-चौराहे का भ्रमण करते, बिहार सरकार एवं सारण जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां गेट पर छात्रों एवं मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोक-झोंक भी हुई। गेट पर छात्रों के जमकर नारेबाजी को देखकर डीएम कार्यालय में मौजूद कार्यालय सचिव बाहर निकल छात्रों के बीच आए और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया और जिलाधिकारी के मीटिंग में होने की बात कहते हुए कुछ देर बाद सारण जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन से मुलाकात कराए जाने का आश्वासन दिया उसके बाद छात्रों ने वहीं एक सभा आयोजित की।

सभा को संबोधित करते हुए राज्य उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना, भयंकर बाढ़ व सरकार सरकार की जनविरोधी नीतियों ने आम से खास तक को बदहाली की जिंदगी जीने पर विवश कर दिया है। केन्द्र सरकार ने एक खास वर्ग को शिक्षा-रोजगार से बेदखल करने के लिए एवं अपनी विचारधारा जबरन थोपने के लिए नई शिक्षा नीति 2020, नीजिकरण का एजेंडा सरकार द्वारा लाई गई है। जिसे किसी भी सूरत में एआईएसएफ स्वीकार नहीं करेगा। राज्य सरकार सभी छात्राओं एवं एससी-एसटी के छात्रों की पीजी तक निशुल्क शिक्षा देने की बात तो करती है लेकिन यह जमीनी स्तर पर लागू नहीं कर पा रही है। वहीं राज्य-पार्षद अमित नयन ने कहा कि इंटरमीडिएट नामांकन में छात्रों से अवैध वसूली पर जल्द रोक लगा, कॉलेजों द्वारा नामांकन में की गई अवैध वसूली के रूपये वापस कराए जाने में सारण डीएम एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी का रवैया काफी उदासीन है। जिला प्रशासन कॉलेजों द्वारा छात्रों से अवैध वसूली के रूपये वापस नहीं कराया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। 

प्रर्दशन कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिबू वर्मा, गुड्डू यादव, पिंटू कुमार यादव, अभय कुमार चौबे, रूपेश कुमार यादव, अमन प्रताप यादव, पीयूष मिश्रा, नवजीवन कुशवाहा, रवि गुप्ता, आलोक कुमार,सरफराज अहमद, इरफान खान, बिट्टू कुमार, विकास कुमार, विवेक कुमार, आदि मौजूद थे।

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