Breaking News

प्रेस विज्ञप्ति सांसद राजीव प्रताप रुडी के प्रयास से बिहार के पहले यूटिलिटी कॉरिडोर की परिकल्पना अब छपरा में ले रहा मूर्त रूप

 


230 करोड़ की लागत से बिहार का पहला यूटिलिटी कॉरिडोर 

27 किलोमीटर भूमिगत होगा यह निर्माण

1000 करोड़ से अधिक की योजनाओं का होगा कार्यान्वयन

योजनाओं से संबंधित विभागों वर्चुअल बैठक संपन्न

सारण, 22 अगस्त, 2020 । बिहार के पहले यूटिलिटी कॉरिडोर की परिकल्पना अब छपरा में मूर्त रूप ले रहा है। छपरा केवल सारण लोकसभा क्षेत्र का शहरी क्षेत्र या जिला मुख्यालय ही नही बल्कि यह प्रमंडल मुख्यालय भी है। इसलिए यहां यूटिलिटी कॉरिडोर की आवश्यकता महसूस की जा रही है जो भविष्य के विकास को देखते हुए सारण की जनता को शीघ्र समर्पित किया जायेगा। उक्त बातों की जानकारी सारण सांसद सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने देते हुए बताया कि शहरी क्षेत्र के 27 किलोमीटर में 230 करोड़ की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर के माध्यम से नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं का विकास से संबंधित विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा एकीकृत रूप से लगभग एक हजार करोड़ से अधिक की योजनाओं का कार्यान्वयन किया जायेगा। इससे संबंधित ही आज सभी विभागों के आपसी समन्वय व योजनाओं के बजट से संबंधित वर्चुअल बैठक की गई थी। बैठक में नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर, बुडको के प्रबंध निदेशक, श्री रमण कुमार समेत ऊर्जा विभाग, भारत संचार निगम लि॰, इंडियन ऑयल, पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, सारण के जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त सारण, नगर आयुक्त, आदि वरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

बैठक में नगर विकास के प्रधान सचिव श्री आनंद किशोर ने कहा कि दूरदर्शी सोच वाले सांसद है श्री राजीव प्रताप रुडी। सांसद की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज सारण में भी महानगरों की तर्ज पर सुविधा प्रदान की जा रही है और भविष्य में इसको अंतरराष्ट्रीय मानक पर लाने के लिए उन्होंने यूटिलिटी कॉरिडोर के निर्माण की कवायद की। आज इस योजना का प्रस्ताव अंतिम चरण मे है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी योजनाओं पर खर्च होने वाली राशि का विवरण मंगलवार तक उपलब्ध करा दें ताकि इसे शीघ्र सरकार के पास भेजा जाय। विदित हो कि यूटिलिटी कॉरिडोर बिजली केबल, गैस पाइपलाईन, भाप, पानी की आपूर्ति पाइप, सीवर लाइनें, ऑप्टिकल फाईबर केबल, टेलिफोन वायर और स्ट्रीट लाइट जैसी उपयोगिता लाइनों को ले जाने के लिए कांक्रिट से बना एक भूमिगत मार्ग होता है। यूटिलिटी कॉरिडोर से आये दिन इन सुविधाओं के आने वाली समस्याओं से निजात मिलता है कभी किसी लाइन को मरम्मत या अपग्रेड करना पड़े तो अन्य सुविधाएं बाधित नहीं होती है।   


सांसद श्री रुडी ने कहा कि आधुनिक समय में और शहरीकरण के दौर में ऐसे कॉरिडोर की उपयोगिता सारण क्षेत्र में बढ़ गई थी। कोरोना काल में जिस तरीके से माननीय प्रधानमंत्री जी ने कहा कि समस्या को अवसर में बदलने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है उसी प्रकार यह भी समस्या को अवसर में बदलने का एक प्रतिभूत है। कोरोना काल मे जब अधिकतर सुविधाएं ऑनलाइन प्राप्त हो रही है जिसकी आवश्यकता भी महसूस की जा रही है और इसका प्रैक्टिकल भी हम लोगों ने इस बार देख लिया तो इस लिए यह अवसर है और इस अवसर का सदुपयोग करते हुए सारण की जनता भी इसमें प्रधानमंत्री जी के विकास यज्ञ में अपने परिश्रम का योगदान दे रही है।उक्त विषय कि जानकारी पूर्व जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान ने दिया।

कोई टिप्पणी नहीं

बिहार खबर वेबसाइट पर कॉमेंट करने के लिए धन्यवाद।