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पृथ्वी दिवस पर जाह्नवी जायसवाल कविता

 


 संवाददाता (मोतिहारी ) दीपू कुमार


"ऐसी हैं अपनी धरती प्यारी"

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शीतल-शीतल हवाएं हैं चलती,

रंग-बिरंगे वृक्ष उगाती।


अनाज से हमारी घर को भरती,

हर किसान का सहारा बनती।।


        "ऐसी हैं अपनी धरती प्यारी"

बहुत ही अच्छी लगती हैं,

हमकों अपनी धरती प्यारी।


रंग-बिरंगी लाल-गुलाबी,

नीले-पीले मननमोहक फूल उगाती।


आम-अन्नानस रसीले है बड़े,

सेब-संतरे को भी उगाती।।


         "ऐसी है अपनी धरती प्यारी"

बहुत ही अच्छी लगती हैं,

हमकों अपनी धरती प्यारी।


वृक्ष हमें है जीवन देती,

स्वच्छ हवा हमकों हैं देती।


खाना देती,पानी देती,

दूषित हवा स्वयं ले जाती।।


        "ऐसी है अपनी धरती प्यारी"

बहुत ही अच्छी लगती हैं,

हमकों अपनी धरती प्यारी।


                         जाह्नवी जायसवाल

                          पता-पकड़ीदयाल

                              कक्षा-8वीं

                        लेवाना पब्लिक स्कूल

                               चकिया

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