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मुजफ्फरपुर में ब्लड के काले धंधे का भंडाफोड़, छह हिरासत में, मास्टरमाइंड फरार

 


बिहार के मुूजफ्फरपुर में मिठनपुरा थाने के मालीघाट स्थित चूनाभट्ठी मोहल्ले में रविवार को खून के काले धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। डोनर को एक हजार रुपये देकर खून लिया जाता था और फिर इसे ऊंची कीमत पर बाजार में बेच दिया जाता था। 

पुलिस ने मौके से छह युवकों को दबोचा है। आधा दर्जन से अधिक यूनिट ब्लड भी जब्त किए गए हैं। युवकों से मिठनपुरा थाने पर गहन पूछताछ की जा रही है। वहीं, मास्टर माइंड व उसके दो सहयोगी फरार हो गए।

पुलिस ने बताया कि चूनाभट्ठी में राजेश कुमार झा के घर एक सप्ताह से पूरा खेल चल रहा था। इमलीचट्टी निवासी किरायेदार नवीन कुमार इसका मास्टर माइंड है। उसने ब्लड डोनेशन के नाम पर मकान किराये पर लिया था, लेकिन इसकी आड़ में खून का अवैध धंधा करता था। कई दिनों से लगातार वहां भीड़-भाड़ लगी रहती थी। हर दिन आदमी बदलकर आता था। इससे मोहल्ला के लोगों को शक हुआ। रविवार की रात मोहल्ला वालों ने अचानक वहां धावा बोल दिया। युवकों को एक कमरे में बंदकर दिया। कुछ की पिटाई भी की। मिठनपुरा पुलिस को बुला लिया। कमरे की तलाशी लेने पर आधा दर्जन यूनिट  ब्लड मिला। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में युवकों से पूछताछ की। किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसपर छह युवकों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। फिलहाल एफआईआर की प्रक्रिया की जा रही है। फरार मास्टरमाइंड व उसके सहयोगी को दबोचने के लिए पुलिस जुट गई है।

मोहल्लेवासियों को हुआ था शक
खून के अवैध धंधे की जानकारी होने पर मकान मालिक राजेश कुमार झा की पत्नी मधुमाला झा पहुंची। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले ब्रह्मपुरा के इमलीचट्टी निवासी नवीन कुमार ने किराये पर कमरा लिया था। रामबाग का सूरज केयरटेकर था। अधिकांश समय वह ही यहां रहता था। बीते दिन स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि किरायेदार के यहां बहुत भीड़ लगती है। रोज तरह-तरह के आदमी आते हैं। किरायेदार कोई गड़बड़ काम करता है। इसपर उन्होंने कहा था कि उनके पति की तबीयत खराब है और वह गांव में हैं। तबीयत ठीक होने पर वह आएंगे और किरायेदार को हटा देंगे। इस बीच लोगों ने धावा बोल दिया और अवैध कारोबार का खुलासा किया है।

रिक्शा व ऑटो भेजकर बुलाए जाते थे डोनर :
मास्टरमाइंड के सहयोगी के साथ आया ब्रह्मपुरा का युवक भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। उसने बताया कि उसे मास्टरमाइंड का सहयोगी लाया था। वह उसका दोस्त है। उसने बताया कि यहां रिक्शा और ऑटो भेजकर डोनर को बुलाया जाता है। उसे एक हजार रुपये भी दिए जाते हैं। इसके अलावा उसे विशेष जानकारी नहीं है।

बयान :
मालीघाट में एक कमरे से कुछ यूनिट ब्लड मिला है। कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य संचालक फरार है। सिविल सर्जन को पत्र लिखकर इसका सत्यापन कराया जाएगा। गलत होने पर सभी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। -रामनरेश पासवान, नगर डीएसपी

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