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सिवान-690 का हुआ सर्वे, छह ने ही किया आत्मनिर्भर योजना के लिए आवेदन


संवाददाता सिवान
अशुतोष कुमार तिवारी


कोरोना संक्रमण के बीच शहर में प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना को जमीन पर उतारने की कवायद नगर परिषद ने शुरू तो की लेकिन इस योजना को जन जन तक पहुंचाने के अपूर्ण प्रयास ने इसे कागजों तक समेट कर रख दिया है। योजना के बारे में नगर परिषद द्वारा प्रचार-प्रसार नहीं किए जाने से फुटपाथी दुकानदार योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अबतक छह फुटपाथी दुकानदारों ने योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। जबकि 690 वेंडरों का सर्वे किया गया था। छह आवेदनों पर फिलहाल नगर परिषद ने कोई कार्यवाही नहीं की है और अभी आवेदन करने का हवाला दिया। ऐसे में आवेदन करने की तिथि समाप्त होने के बाद ही यह योजना कितनी तेजी से धरातल पर उतरेगी इसकी वास्तविकता स्पष्ट हो पाएगी। बता दें कि कोरोना संकट काल में केंद्र सरकार द्वारा गरीब व फुटपाथी दुकानदारों के जीविकोपार्जन के लिए पीएम स्वनिधि योजना की शुरूआत की है। ऐसे लोगों को फिर से उनके पैरों पर खड़ा करने व सूदखोरी से बचाने के लिए आसान ब्याज पर दस हजार रुपये का ऋण प्रदान किया जाएगा। इसके लिए नगर क्षेत्र के सभी 38 वार्ड के 690 वेंडर, रेहड़ी, फेरीवाले, ठेलावाले, फलसब्जी विक्रेता समेत सभी फूटपाथी दुकानदारों का सर्वे किया गया है।
पहचान पत्र के साथ करना है आवेदन :

नगर के सभी प्रकार के वेंडर्स को सरकार की आरे से प्रमाणपत्र, पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ हीं वैसे वेंडर्स जिनको अपने व्यवसाय को और बेहतर करना है, उनको दस हजार का ऋण दिया जाएगा। ऋण के लिए वेंडर्स को अलग से पहचान पत्र के साथ आवेदन देना होगा। अगर ससमय ऋण की राशि वास कर दी जाती है तो फुटपाथी दुकानदारों को पुन: ऋण के लिए पात्र माना जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को रोजी-रोटी के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत सभी स्ट्रीट वेंडर्स लाभान्वित हो सकेंगे। योजना का लाभ पाने के लिए अबतक छह फुटपाथी दुकानदारों ने अबतक आवेदन किया है। सर्वे के साथ-साथ जागरूकता का भी कार्य किया जा रहा है। लेकिन आवेदनों की संख्या इतनी ज्यादा कम है, इसकी जांच कराई जाएगी।

अमरेंद्र कुमार, नगर प्रबंधक, सिवान

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