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बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बाढ़ राहत पैकेज,तत्काल घोषित करे केंद्र तथा राज्य सरकार : ई0 राजकुमार पासवान




पटना /बिहार युवा बिहार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी० राजकुमार पासवान ने कहा की उत्तर बिहार के 22 जिला में से 11 जिला जलमग्न हो चुका है जहाँ कोसी, सीमांचल, मिथिलांचल समेत बाढ़ प्रभावित उत्तर बिहार के लिए बाढ़ राहत पैकेज नहीं पहुंचने को लेकर राहत पहुंचाने कि मांग किया। इंजी० राजकुमार पासवान ने कहा कि बाढ़ और सुखाड़ बिहार की जनता के लिए बहुत लम्बे समय से नासूर बना हुआ है। जिसके लिए जिम्मेवार आजादी के बाद जितनी भी बिहार में सरकारें बनी वो चाहे कांग्रेस पार्टी की सरकार हो या 15 साल वाली लालू-राबड़ी की सरकार रही हो या गठबंधन वाली नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और भाजपा वाली एनडीए सरकार क्यों न हो सभी ने बिहार को विकास के नाम ठगने का काम किया है कभी बाढ़ - सुखाड़ के नाम तो कभी बेरोज़गार के नाम पर लूटने का काम किया है! किसानों के फसल बर्बादी की समस्या हो या चाहे रोज़गारी की समस्या हो या महिला सुरक्षा की हो या फिर शिक्षा- स्वास्थ्य की क्यो न हो सब का सब चुनावी मुद्दा और अखबारों के पन्नों तक ही रह जाता हैं आज लोगों को कोरोना संकट के कारण बिहार में भयावह स्थिति है और साथ में बाढ़ से लोगों के घर तबाह हो चुकें हैं। भारी जान – माल की क्षति हुई। उपर से ऐसे में केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार से मांग करता हूँ कि वे बिहार और बिहारियों की समस्या को ध्यान में रखकर आर्थिक पैकेज की घोषणा जल्द से जल्द करें ताकि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र और जनता तक राहत का लाभ यथाशीघ्र पहूँच सके!

श्री पासवान ने खासकर बिहार सरकार से भी अपील किया है कि बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए राज्य सरकार युद्ध स्तर पर कार्य करे। मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण के बदले जमीन पर जाकर लोगों की तकलीफ को समझें और राहत बचाव कार्य में तेजी लाये। इसलिए हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि वे बाढ़ पीडि़तों तक मदद पहुंचाये और बिना राजनीति के बाढ़ की समस्या का समाधान करे। वरना जनता इस बार छोडऩे वाली नहीं है।

युवा बिहार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी० राजकुमार पासवान ने कहा कि सम्पूर्ण क्षेत्र उत्तर बिहार विनाशकारी बाढ़ से त्रस्त है। इन क्षेत्रों में रहनेवाले लाखों लोग बाढ़ से बदतर जीवन -यापन करने को मजबूर हैं। लाखों लोग आजीविका के साथ-साथ अपने निवास को खो चुके हैं। ये लोग सडक़ों एवं तटबंधों पर रहने को मजबूर हैं। भीषण महामारी और बाढ़ विपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार निर्दयी और बेशर्म हो चुकी है। जो ऐसे महामारी, बिमारी आपदा और बाढ़ में भी चुनाव कराने पर उतारू है! जहाँ सारा का सारा प्रशासनिक तंत्र आगामी बिहार में होनेवाली बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगा दिया गया है। इस सरकार को कुर्सी प्यारा है ना कि बिहार के 12 करोड़ जनता के जान-माल और  दु:ख - सुख से कोई लेना देना है!

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