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BREAKING NEWS. मोतिहारी- एसएसबी जवानों के साथ उलझे ग्रामीण



कुण्डवाचैनपुर थाना क्षेत्र के महंगुआ ग्राम के समीप भारत नेपाल सीमा पर शनिवार शाम सशस्त्र सीमाबल के जवानों और कथित तस्करों के बीच जमकर बवाल हुआ। घटना में ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से एसएसबी जवान की मोबाइल भी छीन ली गयी।
घटना के सम्बंध में सशस्त्र सीमाबल के इस्पेक्टर संतोष कुमार ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शनिवार शाम करीब तीन बजे एसएसबी जवान किरण मगदूम व अनुज कुमार पिलर संख्या 347/4 के समीप गश्त पर थे। तभी जवानों की नजर दो साइकिल व एक बाइक पर खाद लेकर नेपाल की ओर जाते तस्करों पर पड़ी। जवानों को नजदीक देख ये तस्कर सब कुछ छोड़कर भाग निकले। जवानों का आरोप है कि तस्करों की सूचना पर महंगुआ ग्राम से करीब एक सौ की संख्या में स्त्री पुरूष आकर जवानों के साथ बदसलूकी करने लगे। इन घटनाओं की एसएसबी जवान अनुज कुमार अपने मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर रहे थे। तभी गांव के ही सुभाष यादव ने कथित तौर पर जवान की मोबाइल छीन ली। भीड़ में शामिल लोग पकड़े गये खाद, साइकिल व बाइक को भी लेकर भाग निकले। घटना की सूचना पर कुण्डवा चैनपुर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच मामले को शांत कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी सत्येन्द्र राम व शांति देवी महंगुआ के निवासी हैं। घटना में सशस्त्र सीमाबल की ओर से तीन पुरूष व तीन महिला को नामजद अभियुक्त बनाते हुए एक सौ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष संजीव रंजन ने बताया कि मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

पन्द्रह तारीख को भी हुई थी उसी जगह पर झड़प: सशस्त्र सीमाबल के जवानों और पशु तस्करों के बीच 15 जुलाई को भी उसी जगह पर झड़प हुई थी। घटना के सम्बंध में सशस्त्र सीमाबल के इंस्पेक्टर ने कुण्डवा चैनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में गांव के ही छह लोगों पर जवानों के साथ धक्का मुक्की करने और मोबाइल तथा हथियार छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
तीन दिनों में दूसरी घटना ने छोड़े कई सवाल: तीन दिनों के भीतर एक ही जगह पर एसएसबी और तस्करों के बीच हुई दूसरी झड़प की घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। घटना से कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। अगर तस्कर इतने आक्रामक हो गये हैं तो सशस्त्र सीमाबल द्वारा पहली घटना के बाद वहां जवानों की संख्या क्यों नहीं बढ़ायी गयी। दोनों घटनाओं के समय दो दो जवान ही ड्यूटी पर थे। एसएसबी द्वारा दर्ज कराये गये पहले प्राथमिकी में जवानों से मोबाइल के साथ साथ आर्म्स भी छीनने के असफल प्रयास का आरोप लगाया गया था। ऐसे में सतर्कता बरतनी चाहिए थी।

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