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नेपाल में भारी बारिश से उफनाईं उत्तर बिहार की सभी नदियां​, कई ने खतरे के निशान को किया पार ​




नेपाल के साथ-साथ उत्तर बिहार के तराई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से जारी बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में फिर तेजी से वृद्धि होने लगी है। कई नदियां उफन कर लाल निशान तक आ गई हैं तो कई खतरे के निशान को पार कर गई हैं। इससे कई जगह तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। बागमती का जलस्तर बढ़ने के बाद मुजफ्फरपुर के औराई व कटरा में तटबंध के बीच बसे करीब आधा दर्जन गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है। जल संसाधन विभाग ने कई जिलों में तटबंध पर दबाव बढ़ने के बाद अलर्ट जारी कर दिया है। ​
गंडक के जलग्रहण क्षेत्र नेपाल के पोखरा में पिछले 24 घंटे में 250.9 मिमी व भैरवा में 134.3 मिमी बारिश हुई है। इसके कारण गंडक के जलस्तर में काफी उछाल आया है। गंडक के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज व सारण के अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। वहीं जलग्रहण क्षेत्र सिमरा में 128.4 व काठमांडू में 27.5 मिमी बारिश होने के बाद बागमती का जलस्तर भी बढ़ा है। ऐसे में सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा के अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। ​
कई जगहों पर बढ़ा पानी का दबाव​
गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद मोतिहारी-शिवहर मार्ग अवरुद्ध हो गया है। जबकि मुजफ्फरपुर में बागमती के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद औराई में तटबंध के बीच बसे गांव बभनगामा पश्चिमी, हरनी, बाड़ा बुजुर्ग, मधुबन प्रताप, बाड़ा खुर्द, चैनपुर, राघोपुर तरबना में पानी फैल गया है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए आशंका है कि इन गांव के लोगों को अगले 24 घंटे के बाद बांध पर शरण लेनी पड़ेगी। सूचना के अनुसार रून्नीसैदपुर में बागमती के बायें तटबंध पर भारी दबाव बना हुआ है और वहां जल संसाधन विभाग बचाव के उपाय में जुटा है। वहीं कटरा के बसघट्टा पंचायत के कटारी गांव में भी तटबंध पर दबाव है और बचाव कार्य किया जा रहा है। वहीं विशुनपुर गांव के पास लखनदेई में कटाव के कारण दबाव बना हुआ है। जबकि कटरा रिंग बांध पर चामुण्डा स्थान व सहनी टोला के पास भी पानी के फैलाव की आशंका है। ​
​गंडक, कोसी, बागमती में तेजी से जलवृद्धि
शुक्रवार को बीरपुर बराज से 2.30 लाख क्यूसेक पानी कोसी में छोड़ा गया, जबकि सामान्यत: यहां से डेढ़ लाख क्यूसेक तक ही पानी छोड़ा जाता है। वहीं वाल्मीकिनगर बराज से 2.64 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उत्तर बिहार के नदियों के जलस्तर की बात करें तो बागमती व लालबकेया सीतामढ़ी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बागमती कटौंझा में 80 सेमी, ढेंग में 82 सेमी व सोनाखान में 36 सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं मधुबनी में कमला खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर है। बागमती बेनीबाद में खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर है तो जयनगर में कमला खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर बह रही है। 

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